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BLACK HAKEEK KHARAL  - कला अकीक खरल- 3.5 INCH

BLACK HAKEEK KHARAL - कला अकीक खरल- 3.5 INCH

  • Brand:: CHAKRADHARI
  • Product Code: PLAIN
  • SKU: BAMP
  • Availability: In Stock
  • ₹1,200

  • Ex Tax: ₹1,197

|| जय चक्रधारी ||

कला अकीक खरल:-

आज बात करते हैं, एक बहुत ही उम्दा विषय की

" खल्व यन्त्र "| बिना जिसके पूर्ण आयुर्वेद अधूरा है, बिना जिसके - घर की औषिधीय आपको पूरा स्वास्थ्य नहीं दे पाती | सामान्य बोल चाल की भाषा में - खल बट्टा या खरल भी कहा जाता है |

हर उस व्यक्ति के लिए यह बात उपयोगी साबित होगी जो आयुर्वेद से जुड़ा है एवं रसशास्त्र से जुड़ा है |

बीते 4 महीनों से इस यन्त्र पर अभ्यास कर इस निचोड़ पर पहुँचे हैं, के वास्तव में ही असली - सच्ची खरल प्राप्त करना, शेर के दांत लाने के समान हो गया है | अंत पंत निर्णय लेकर - कारीगरों से मिलकर ही - चट्टानें लाकर ही खरल बनवाना पड़ा | तब जाकर तसल्ली मिली है |

आइये आरम्भ करते हैं - कृष्णा का नाम लेकर - जय चक्रधारी |

भोजन, जड़ियाँ, मसालों में दो प्रकार के घटक पाए जाते हैं - अम्ल एवं क्षार |

अब खरल में यह देखा जाता है - के क्या यह जिस पत्थर की बानी है - वो अम्ल एवं क्षार को सँभालने योग्य है या नहीं | साथ ही यह भी देखा जाता है के - खरल - ऐसा तो नहीं के कुछ हलके घर्षण से ही पाउडर बन स्वयं ही घिसने लग जाये | सर्वाधिक उपयोगी खरल वो है - जिसके पत्थर में धरती माता द्वारा धातु (Metal) समाहित हो | वह सर्वाधिक उपयोगी है |

आज बाजार में मिल रही मार्बल की खरलें, पोर्सिलिन की खरल, हरे ग्रेनाइट की खरल एक ही काम में ली जा सकती हैं - घर से बहार फेंकने के |

क्यूंकि - मार्बल अत्यधिक घिसता है, हरा ग्रेनाइट भी अत्यधिक घिसता है, पोर्सिलिन घिसता नहीं किन्तु - उसके चेमिकल्स ऐसे होते हैं - के डाली गयी औषिधि को ही - नपुंसक बना दें |

अब क्या करें - सही पत्थर का चुनाव करें -

१. हकीक खरल - या एक बहुत ही मजबूत पत्थर है - जो भारी अम्ल से भी रियेक्ट नहीं करता - यानि की प्रतिक्रिया नहीं देता - अर्थात यह काफी सुरक्षित पत्थर है | हकील में भी - पंचरंगी हकीक, कबूतरी हकीक, कला हकीक, जामा हकीक | इन प्रजातियों की खरल रखने में आनंद है | ऐसी खरलों को आज भी - राजे-रजवाड़ो के घरों में देखा जा सकता है, जो की उस काल से रखी हुई हैं , जब उनकी पीढ़ी वाले राजा थे| इनमें बस एक ही कमी है के यह - सामान्य पत्थरो से बहुत ही महंगा है यानी खरल भी महंगी ही बनेगी |

२. तामड़ा खरल - पारद पर काम करने वालों की यह काफी पसंदीदा खरल है - क्युकी इस पत्थर की खरल में पारद की पिष्टी, गंधक पिष्टी, स्वर्ण भस्म घुटाई आदि करी जाती है | प्राकृतिक रूप से इसमें ताम्बा अत्यधिक होता है, इस कारण अधिक अम्ल की वस्तुओं की घुटाई के लिए इसका प्रयोग नहीं किया जाता है |

३. खम्मम खरल - यह खरल एक बहुत ही सुरक्षित खरल है - जिसमे अम्ल और क्षार दोनों को चलाया जा सकता है | किन्तु यह खरल हकील के मुकाबले थोड़ी नरम होती है | बस बाकी घर में तो यह आराम से प्रयोग की जा सकती है | आयुर्वेद औषधालयों में भी कम मात्रा की औषध निर्माण में प्रयोग की जा सकती हैं |

४. सीमाक पत्थर की खरल - यह खरल हर दृष्टिकोण से उम्दा है - हर मसाले, दवाई, अम्ल, क्षार, धातु, भस्म इत्यादि पर चल जाती है | किन्तु सीमाक पत्थर - अखंडित भारत के - कंधार - क्षेत्र में निकलता है | अब वह से वह चट्टान लाना एक बहुत ही जटिल कार्य है | बस और कोई कमी नहीं |

५. कसौटी खरल - यह खरल उन लोगों की मनपसंद है - जो स्वर्ण और तेज़ अम्ल को लेकर काम करते हैं | यही वह पत्थर है जिससे स्वर्ण परिक्षण भी किया जाता है | किन्तु इसका पत्थर केवल अखंडित भारत - नेपाल में निकलता है, जिसे लाना एक बेहद जटिल कार्य है |

६. हंसराज खरल - इस बहुत ही लाजवाब, बेमिसाल खरल है | एक तो यह हकीक पत्थर के जैसी मजबूत है, दूसरा अम्ल, क्षार, हर औषध, एवं धातु कर्म हेतु भी काम की है | दूसरा हर दवाई इसमें सुरक्षित है, हर मसाला इसमें सुरक्षित है | तीसरा यह बाकी खरलों के मुकाबले सस्ती है , चौथा यह पत्थर आज भी मूल भारत में ही निकलता है | इसे तो संभवतः हर घर में होना ही चाहिए |

इसी प्रकार - माणक खरल, नीलम खरल इत्यादि अत्यंत ठोस खरलों का उल्लेख भी शास्त्रों में मिलता है, किन्तु इन्हे खरीदना हर किसी के वश का नहीं | और किसी को कुछ जानकारी खरलों के विषय में लेनी हो तो वह बेझिझक हमसे पूछने हेतु स्वतंत्र है | यहाँ तक की आपको विशेष पत्थर की खरल बनवानी भी हो तो अब हम बना कर दे सकते हैं कृष्णा कृपा से | एवं उपरोक्त सभी खरलें जिनका उल्लेख किया गया है, वे मिल भी जाएँगी |

नोट - खरल में किसी भी वास्तु को खरल किया जाता है - तो मन्त्रों का जाप किया जाता है, जिससे औषिधि बहुत ही ताकतवर हो जाती है | और खरल में घुटाई करने से वातावरण भी शुद्ध होता है | और खरल की अपनी उर्जाओ से भी औषद में नयी जान आती है |

|| ॐ का झंडा ऊँचा रहे || 


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