Shopping Cart
Whats app Us Now
Free: +91-9887917255

HANSRAJ ARDHACHANDRAKAR KHARAL - हंसराज अर्धचन्द्राकार खरल

HANSRAJ ARDHACHANDRAKAR KHARAL - हंसराज अर्धचन्द्राकार खरल

  • Brand:: CHAKRADHARI
  • Product Code: PLAIN
  • SKU: HAK
  • Availability: In Stock
  • ₹0

  • Ex Tax: ₹0

Select Any One Dropdown to See the Price


|| जय चक्रधारी ||

हंसराज खरल:-

आज बात करते हैं, एक बहुत ही उम्दा विषय की

" खल्व यन्त्र "| बिना जिसके पूर्ण आयुर्वेद अधूरा है, बिना जिसके - घर की औषिधीय आपको पूरा स्वास्थ्य नहीं दे पाती | सामान्य बोल चाल की भाषा में - खल बट्टा या खरल भी कहा जाता है |

हर उस व्यक्ति के लिए यह बात उपयोगी साबित होगी जो आयुर्वेद से जुड़ा है एवं रसशास्त्र से जुड़ा है |

बीते 4 महीनों से इस यन्त्र पर अभ्यास कर इस निचोड़ पर पहुँचे हैं, के वास्तव में ही असली - सच्ची खरल प्राप्त करना, शेर के दांत लाने के समान हो गया है | अंत पंत निर्णय लेकर - कारीगरों से मिलकर ही - चट्टानें लाकर ही खरल बनवाना पड़ा | तब जाकर तसल्ली मिली है |

आइये आरम्भ करते हैं - कृष्णा का नाम लेकर - जय चक्रधारी |

भोजन, जड़ियाँ, मसालों में दो प्रकार के घटक पाए जाते हैं - अम्ल एवं क्षार |

अब खरल में यह देखा जाता है - के क्या यह जिस पत्थर की बानी है - वो अम्ल एवं क्षार को सँभालने योग्य है या नहीं | साथ ही यह भी देखा जाता है के - खरल - ऐसा तो नहीं के कुछ हलके घर्षण से ही पाउडर बन स्वयं ही घिसने लग जाये | सर्वाधिक उपयोगी खरल वो है - जिसके पत्थर में धरती माता द्वारा धातु (Metal) समाहित हो | वह सर्वाधिक उपयोगी है |

आज बाजार में मिल रही मार्बल की खरलें, पोर्सिलिन की खरल, हरे ग्रेनाइट की खरल एक ही काम में ली जा सकती हैं - घर से बहार फेंकने के |

क्यूंकि - मार्बल अत्यधिक घिसता है, हरा ग्रेनाइट भी अत्यधिक घिसता है, पोर्सिलिन घिसता नहीं किन्तु - उसके चेमिकल्स ऐसे होते हैं - के डाली गयी औषिधि को ही - नपुंसक बना दें |

अब क्या करें - सही पत्थर का चुनाव करें -

१. हकीक खरल - या एक बहुत ही मजबूत पत्थर है - जो भारी अम्ल से भी रियेक्ट नहीं करता - यानि की प्रतिक्रिया नहीं देता - अर्थात यह काफी सुरक्षित पत्थर है | हकील में भी - पंचरंगी हकीक, कबूतरी हकीक, कला हकीक, जामा हकीक | इन प्रजातियों की खरल रखने में आनंद है | ऐसी खरलों को आज भी - राजे-रजवाड़ो के घरों में देखा जा सकता है, जो की उस काल से रखी हुई हैं , जब उनकी पीढ़ी वाले राजा थे| इनमें बस एक ही कमी है के यह - सामान्य पत्थरो से बहुत ही महंगा है यानी खरल भी महंगी ही बनेगी |

२. तामड़ा खरल - पारद पर काम करने वालों की यह काफी पसंदीदा खरल है - क्युकी इस पत्थर की खरल में पारद की पिष्टी, गंधक पिष्टी, स्वर्ण भस्म घुटाई आदि करी जाती है | प्राकृतिक रूप से इसमें ताम्बा अत्यधिक होता है, इस कारण अधिक अम्ल की वस्तुओं की घुटाई के लिए इसका प्रयोग नहीं किया जाता है |

३. खम्मम खरल - यह खरल एक बहुत ही सुरक्षित खरल है - जिसमे अम्ल और क्षार दोनों को चलाया जा सकता है | किन्तु यह खरल हकील के मुकाबले थोड़ी नरम होती है | बस बाकी घर में तो यह आराम से प्रयोग की जा सकती है | आयुर्वेद औषधालयों में भी कम मात्रा की औषध निर्माण में प्रयोग की जा सकती हैं |

४. सीमाक पत्थर की खरल - यह खरल हर दृष्टिकोण से उम्दा है - हर मसाले, दवाई, अम्ल, क्षार, धातु, भस्म इत्यादि पर चल जाती है | किन्तु सीमाक पत्थर - अखंडित भारत के - कंधार - क्षेत्र में निकलता है | अब वह से वह चट्टान लाना एक बहुत ही जटिल कार्य है | बस और कोई कमी नहीं |

५. कसौटी खरल - यह खरल उन लोगों की मनपसंद है - जो स्वर्ण और तेज़ अम्ल को लेकर काम करते हैं | यही वह पत्थर है जिससे स्वर्ण परिक्षण भी किया जाता है | किन्तु इसका पत्थर केवल अखंडित भारत - नेपाल में निकलता है, जिसे लाना एक बेहद जटिल कार्य है |

६. हंसराज खरल - इस बहुत ही लाजवाब, बेमिसाल खरल है | एक तो यह हकीक पत्थर के जैसी मजबूत है, दूसरा अम्ल, क्षार, हर औषध, एवं धातु कर्म हेतु भी काम की है | दूसरा हर दवाई इसमें सुरक्षित है, हर मसाला इसमें सुरक्षित है | तीसरा यह बाकी खरलों के मुकाबले सस्ती है , चौथा यह पत्थर आज भी मूल भारत में ही निकलता है | इसे तो संभवतः हर घर में होना ही चाहिए |

इसी प्रकार - माणक खरल, नीलम खरल इत्यादि अत्यंत ठोस खरलों का उल्लेख भी शास्त्रों में मिलता है, किन्तु इन्हे खरीदना हर किसी के वश का नहीं | और किसी को कुछ जानकारी खरलों के विषय में लेनी हो तो वह बेझिझक हमसे पूछने हेतु स्वतंत्र है | यहाँ तक की आपको विशेष पत्थर की खरल बनवानी भी हो तो अब हम बना कर दे सकते हैं कृष्णा कृपा से | एवं उपरोक्त सभी खरलें जिनका उल्लेख किया गया है, वे मिल भी जाएँगी |

नोट - खरल में किसी भी वास्तु को खरल किया जाता है - तो मन्त्रों का जाप किया जाता है, जिससे औषिधि बहुत ही ताकतवर हो जाती है | और खरल में घुटाई करने से वातावरण भी शुद्ध होता है | और खरल की अपनी उर्जाओ से भी औषद में नयी जान आती है |\

HANSRAJ KHARAL:-

Today, let's talk about a very good topic

"Khalv Yantra" | Without whose complete Ayurveda is incomplete, without whose home medicines cannot give you complete health. In common parlance - Khal Batta or Kharal is also called.

This will prove useful for every person who is associated with Ayurveda and is associated with Rasastra.

After practicing this machine for the last 4 months, we have reached this squeeze, that in fact, it has become like bringing real teeth of lion. After taking the final decision - by joining the artisans - the rocks had to be built. Then I have been satisfied.

Let us begin by taking the name of Krishna - Jai Chakradhari.

There are two types of components found in food, roots, spices - acid and alkali.

Now it is seen in Kharl - whether the stone it is made of - is it capable of handling acid and alkali or not. At the same time it is also seen that - Kharl - it is not so that due to some mild friction, the powder can be rubbed by itself. The most useful kharal is that - whose stone contains the metal by Mother Earth. It is most useful.

Today, the market is available in marble, porcelain, green granite, and can be used in one task - to throw it out of the house.

Because - marble wears heavily, green granite also wears out, porcelain does not wear, but - its chemicals are like that - make the medicine inserted - impotent.

What to do now - choose the right stone 

1. Haqik Kharl - or a very strong stone - does not react with heavy acid - ie does not react - meaning it is a very safe stone. In hakil also - panchrangi hawik, kabutari hawik, kala hakiq, jama hakiq. It is a pleasure to take care of these species. Such kharas can be seen even today - in the houses of Raje-Rajwados, which have been kept since the time when their generations were kings. There is only one drawback in this - it is very expensive than normal stones, that is, kharal will also become expensive.

2. Tamra Kharl - This is a very favorite Kharl for those who work on Parad - because in this stone Kharl Pardi Pishti, Gandhak Pishti, Swarna Bhasma etc. are made. Naturally, copper is very high in it, so it is not used to rotate things of excess acid.

3. Khammam Kharl - This Kharl is a very safe Kharl - in which both acid and alkali can be handled. But it is slightly softer than Kharl Hakil. Just in the rest of the house, it can be used comfortably. Even in Ayurveda dispensaries, small quantities of drugs can be used in manufacturing.

4. Limiter stone Kharl - This Kharl is great from every point of view - goes on every spice, medicine, acid, alkali, metal, ash etc. But the boundary stone - originates in the - Kandahar - region of unbroken India. Now bringing that rock from him is a very complicated task. No more shortages.

5. Criterion Kharl - This Kharl is preferred by those who work with gold and strong acid. This is the stone from which gold test is also done. But its stone only comes out in unbroken India-Nepal, which is a very complex task to bring.

6. Hansraj Kheral - This is a wonderful, unmatched kharl. One, it is as strong as a hakik stone, the other is also useful for acid, alkali, every medicine, and metal work. Secondly, every medicine is safe in it, every spice is safe in it. Third, it is cheaper than the rest of the kharls, the fourth stone still remains in the original India. It should probably be in every house.

Similarly, mention of very solid weeds like Manak Kheral, Neelam Kheral etc. is also found in the scriptures, but buying them is not under everyone's control. And if anyone wants to get some information about Kharas, then feel free to ask us. Even if you want to make a special stone kharal, now we can make it by Krishna. And all the above mentioned expenses which are mentioned will also be found.


Note - If any Vastu is consumed in Kharl - then mantras are chanted, which makes the medicine very powerful. And by adding it to the mortar, the atmosphere is also purified. And Kharal's new energy comes from his energy.


|| ॐ का झंडा ऊँचा रहे || 


Write a review

Note: HTML is not translated!
    Bad           Good