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IRON KADHAI - लोह कढाई- 2 LITRE

IRON KADHAI - लोह कढाई- 2 LITRE

  • Brand:: CHAKRADHARI
  • Product Code: PLAIN
  • SKU: IKLK
  • Availability: In Stock
  • ₹990

  • Ex Tax: ₹884

|| जय चक्रधारी ||

लोह बर्तन:-

आज बात करेंगे - धातु लोह पर, एवं उससे निर्मित भोजन पकाने वाले पात्रों की |

 वर्तमान में स्तिथि की विकटता इतनी है के लौह बर्तन भी अत्यंत मिलावटी आने लग गए हैं |

इसका कारण क्या है ? तो यह जान लीजिये - लोहे में जो मूल रूप से तीन प्रकार आते हैं –

१. मंद लौह |

 २. तीक्ष्ण लौह |

३. कान्त लौह |

यह तीनो कैसे होते हैं, क्या गुण धर्म इनके हैं, कैसा रंग लिए होते हैं, इसका प्रयोग कैसे होता है, इत्यादि घटक जनता को पता ही नहीं है |

जिस कारण कोई विरोध करने वाला है ही नहीं पूरे बाजार में | जिसका लाभ आलसी और अकर्मठ लोग उठाते हैं और कुछ भी बनाकर आपको दे दिया जाता है |

एक और जहाँ स्टील के बर्तन बाजार में प्रचूर मात्रा में उपलब्ध हैं ? चूँकि यह सस्ते हैं, एवं साथ ही भरपूर मात्रा में उपलब्ध हैं - जबकि स्टील लोहे का एक ऐसा स्वरुप है जिसमे लोहे को बिकुल निष्क्रिय कर दिया जाता है - निकल, कोबाल्ट, टाइटेनियम, कार्बन आदि मिलाकर, जिसका नाम stain less steel रख दिया गया है |

चूँकि यह non reactive metal है सो यह तो पक्का है - के इसमें भोजन बनाने का व खाने का कोई लाभ नहीं | वहीँ दूसरी ओर - आयुर्वेद लौह पात्र में भोजन बनाकर खाने का गुणगान करता है - चूँकि लोहे के पात्र में पका भोजन आपके शरीर में - लाल रक्त अणु ( red blood cells ) में कोई कमी नहीं आने देता, एनीमिया नाम का रोग नहीं होने देता, पाण्डु रोग नहीं होने देता, श्वेता प्रदर से रक्षा करता है, लिवर को स्वस्थ रखता है |

आयुर्वेदानुसार लोहे के सभी बर्तन तीक्ष्ण लौह की 6 प्रजातियों में से एक प्रजाति - "कालाय लौह" से निर्मित होने चाहिए, या फिर कान्त लौह के |

अब आप सोचेंगे के कालाय लौह कोनसा होता है - तो जान लीजिये - मिलिट्री के सभी शस्त्र इसी लौह से निर्मित होते हैं , हवाई जहाज़ में यही लौह प्रयुक्त होता है |

उसी के बर्तन में भोजन बनाना चाहिए |

मंद लौह की - 3 प्रजाति व तीक्ष्ण लौह की 6 प्राजतियों में - केवल - "कालाय लौह" ही के पात्र भोजन बनाने योग्य है |

दूसरा - महा लौह - अर्थात कान्त लौह - इसमें भोजन बनाना भी श्रेष्ठ बताया गया है यहाँ तक की संसार का श्रेष्ठ लौह - कान्त लौह ही होता है|

जिसमे हर आयुर्वेदिक औषिधीय भी बनायीं जा सकती हैं, जिसमें रखे दूध में उफान आ जाए तो दूध उफन कर निचे नहीं गिरता - वह हो सकता है 3 - 4 फुट ऊपर उठ जाए पर दूध को छलकने नहीं देता |

यह कान्त लौह का चमत्कार है | अब आप पूछेंगे - के कान्त लौह कहा देखें - तो एक उदाहरण भारत देश में है - कान्त लौह की 5 प्रजातियों में से श्रेष्ठ प्रजाति - रोमक कान्त लौह का - वो हैं दिल्ली में स्तिथ - अशोक स्तम्भ का |

जिसमे कभी मंडूर ( जंग ) उत्पन्न नहीं होता |

 जिसे देख कर आज भी पूरा संसार अचंभित है |

 इससे अधिक गौरवशाली संस्कृति क्या हो सकती है |

एक रहस्यमयी बात और प्रकट करते हैं - पारस पत्थर की कहानी आप सभी ने सुनी होगी - के लोहे को छूने से लोहा सोना बन जाता है - तो पारस पत्थर भी केवल कान्त लौह पर काम करता है, अन्य किसी लौह पर नहीं | आइये गर्व करें हम भारत में जन्मे और आनंद लेवें इस जन्म का |

Iron utensils:-

Today we will talk about the metal iron, and the cooking utensils made from it.

 At present the condition is so complex that even iron utensils are produced adulterated.

What is the reason behind this ? So know this - in iron, there are basically three types -

1. Dim iron |

 2. Sharp iron |

3. Kant iron |

Properties of these three, what are their functioning, what colors are they, how are they used, etc., public does not know.

Because of which no one will resist, not even in the whole market.

 The lazy and cowerd people take advantage of it and  adulterated product is given to you.

On the other hand where steel utensils are available in abundant quantity in the market? Since they are cheap, and also available in plenty - while steel is a form of iron in which iron is neutralized - mixing nickel, cobalt, titanium, carbon, etc., named as stainless steel.

Since it is a non-reactive metal, it is sure - there is no benefit in preparing and eating food. On the other hand - Ayurveda praises food made in iron pot - since food cooked in iron vessel increases red blood cells in your body, does not allow disease like anemia, helps in jaundice and keeps liver healthy. According to the Ayurveda, all iron utensils must be made from one of the six species of sharp iron - "black iron", or kant iron.

Now you must be wondering what is black iron. So for your information all the weapons of the military are made from this iron, this iron is used in the plane.

 Food should be cooked in the same vessel.

Only few type of iron is suitable for cooking.

3 types of "Dark Iron",

In dim iron - 3 types

and 6 types of pungent iron

Second - Maha iron - ie Kant iron - It is also said that making food in this is best. It is best iron in the world – Kant iron.

In which every Ayurvedic medicinal can also be made, in which if there is milk kept, then the milk does not spill down after boiling - it may rise up to 3 to 4 feet but does not allow the milk to spill.

This is the miracle of Kant iron. Now you will ask – where do we see kant iron- So there is an example in the country of India - Out of the 5 species of Kant Iron - the best species - that of Roast Kant Iron - in Delhi - Ashoka Pillar.

In which there is no rust. Seeing this, the whole world is still astonished today.

 Which could be a more glorious culture than this?

Let's reveal a mysterious thing - you must have heard the story of the Paras stone - if it touch it to the iron  then it convert iron into gold - so Paras stone works only on Kant iron, not on any other iron. So proud that we were born in India and enjoy this birth.

|| ॐ का झंडा ऊँचा रहे || 



Product Speciication
Weight 4000 gm

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