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Raw diamond- हीरा

Raw diamond- हीरा

4.81 CARATS-RAW DIAMOND - हीरा

|| जय चक्रधारी ||हीरा:-हीरा एक पारदर्शी रत्न है। यह रासायनिक रूप से कार्बन का शुद्धतम रूप है। हीरा सभी रत्नों में सर्वोपरि, चमकदार व कठोर होता है। इसमें खरोंच नहीं आती इसीलिए इसे वज्र कहा गया है। यह पृथ्वी के गर्भ में लाखों वर्षों की प्रक्रिया के उपरांत कोयले से बना बेशकीमती रत्न है। कौटिल्य के अर्थशास्त्र में हीरे पर विशेष चर्चा की गई है।अंगोला, नामीबिया, रूस व विश्व के अन्य देशों में हीरों की खुदाई की जाती है व बहुतायत से हीरा पाया जाता है। हीरे का आपेक्षित गुरुत्व 3:48 होता है। यह पूर्ण पारदर्शी रत्न है। असली हीरे को धूप में रखने पर किरणें निकलने लगती हैं। इसकी चमकदार किरणों की संख्या से पहचान की जाती है।ऐसी भी मान्यता है कि श्वेत हीरा सात्विक, लाल हीरा तमोगुणी, पीला हीरा रजोगुणी तथा काला हीरा शूद्रवर्णीय होता है। इसका ज्योतिषीय दृष्टिकोण यह है कि हीरा शुक्र का रत्न है। वृषभ व तुला राशि के अधिपति शुक्र हैं। इनका हीरा स्वयं तो मूल्यवान है ही, धारक को भी मालामाल कर देता है। यदि कुंडली के अच्छे भावों के स्वामी शुक्र हों, तो हीरा धारण कर सुख-संपदा में वृद्धि की जा सकती है।डायमंड की सबसे खास बात है इससे निकलने वाली ऊर्जा किरण शरीर पर रिफ्लेक्शन के द्वारा ही प्रभाव कर जाती है। इसीलिए इसको अंगूठी के रूप में पहनने के लिए हीरे का अंगुली से स्पर्श करना बिल्कुल जरूरी नहीं है। ये ऊपर से ही अपना प्रभाव दिखला जाएगा। इसके अलावा यदि हीरे को बहुत अधिक तराश दिया गया है, तो ऐसे में उसका असर न्यूनतम हो जाता है। वस्तुतः एस्ट्रोलॉजी के लिहाज़ से हीरे को कम तराशा गया हो और उसमें किसी भी तरह के विकार न हों, ऐसा ही रत्न उपयुक्त होता है।Diamond:-The diamond is a transparent gemstone. It is chemically the purest form of carbon. Diamond is paramount, shiny and hard in all gems. It does not scratch, that's why it is called Vajra. It is a precious gem made of coal after millions of years of process in the womb of the earth. In Kautilya's Arthashastra there is a special discussion on diamonds.In Angola, Namibia, Russia and other countries of the world, diamonds are excavated and diamonds are found in abundance. The relative gravity of the diamond is 3:48. It is a completely transparent gem. When the real diamond is kept in the sun, rays begin to come out. It is identified by the number of bright rays.It is also believed that white diamond is sattvic, red diamond tamoguni, yellow diamond Rajoguni and black diamond is shudravarni. Its astrological view is that diamond is the gem of Venus. The lord of Taurus and Libra are Venus. His diamond itself is not only valuable, it also makes the holder rich. If Venus is the owner of good house of horoscope, then happiness and wealth can be increased by wearing a diamond.The most important thing about diamond is that the energy rays emanate from the body through reflection. That is why it is not absolutely necessary to touch the diamond with a finger to wear it as a ring. It will show its influence from above. In addition, if the diamond has been cut too high, its effect is minimized. In fact, in terms of astrology, the diamond is less polished and does not have any type of disorder, such a gem is suitable.|| ॐ का झंडा ऊँचा रहे || ..

₹12,025 Ex Tax: ₹11,995

4.91 carats-RAW DIAMOND - हीरा

|| जय चक्रधारी ||हीरा:-हीरा एक पारदर्शी रत्न है। यह रासायनिक रूप से कार्बन का शुद्धतम रूप है। हीरा सभी रत्नों में सर्वोपरि, चमकदार व कठोर होता है। इसमें खरोंच नहीं आती इसीलिए इसे वज्र कहा गया है। यह पृथ्वी के गर्भ में लाखों वर्षों की प्रक्रिया के उपरांत कोयले से बना बेशकीमती रत्न है। कौटिल्य के अर्थशास्त्र में हीरे पर विशेष चर्चा की गई है।अंगोला, नामीबिया, रूस व विश्व के अन्य देशों में हीरों की खुदाई की जाती है व बहुतायत से हीरा पाया जाता है। हीरे का आपेक्षित गुरुत्व 3:48 होता है। यह पूर्ण पारदर्शी रत्न है। असली हीरे को धूप में रखने पर किरणें निकलने लगती हैं। इसकी चमकदार किरणों की संख्या से पहचान की जाती है।ऐसी भी मान्यता है कि श्वेत हीरा सात्विक, लाल हीरा तमोगुणी, पीला हीरा रजोगुणी तथा काला हीरा शूद्रवर्णीय होता है। इसका ज्योतिषीय दृष्टिकोण यह है कि हीरा शुक्र का रत्न है। वृषभ व तुला राशि के अधिपति शुक्र हैं। इनका हीरा स्वयं तो मूल्यवान है ही, धारक को भी मालामाल कर देता है। यदि कुंडली के अच्छे भावों के स्वामी शुक्र हों, तो हीरा धारण कर सुख-संपदा में वृद्धि की जा सकती है।डायमंड की सबसे खास बात है इससे निकलने वाली ऊर्जा किरण शरीर पर रिफ्लेक्शन के द्वारा ही प्रभाव कर जाती है। इसीलिए इसको अंगूठी के रूप में पहनने के लिए हीरे का अंगुली से स्पर्श करना बिल्कुल जरूरी नहीं है। ये ऊपर से ही अपना प्रभाव दिखला जाएगा। इसके अलावा यदि हीरे को बहुत अधिक तराश दिया गया है, तो ऐसे में उसका असर न्यूनतम हो जाता है। वस्तुतः एस्ट्रोलॉजी के लिहाज़ से हीरे को कम तराशा गया हो और उसमें किसी भी तरह के विकार न हों, ऐसा ही रत्न उपयुक्त होता है।Diamond:-The diamond is a transparent gemstone. It is chemically the purest form of carbon. Diamond is paramount, shiny and hard in all gems. It does not scratch, that's why it is called Vajra. It is a precious gem made of coal after millions of years of process in the womb of the earth. In Kautilya's Arthashastra there is a special discussion on diamonds.In Angola, Namibia, Russia and other countries of the world, diamonds are excavated and diamonds are found in abundance. The relative gravity of the diamond is 3:48. It is a completely transparent gem. When the real diamond is kept in the sun, rays begin to come out. It is identified by the number of bright rays.It is also believed that white diamond is sattvic, red diamond tamoguni, yellow diamond Rajoguni and black diamond is shudravarni. Its astrological view is that diamond is the gem of Venus. The lord of Taurus and Libra are Venus. His diamond itself is not only valuable, it also makes the holder rich. If Venus is the owner of good house of horoscope, then happiness and wealth can be increased by wearing a diamond.The most important thing about diamond is that the energy rays emanate from the body through reflection. That is why it is not absolutely necessary to touch the diamond with a finger to wear it as a ring. It will show its influence from above. In addition, if the diamond has been cut too high, its effect is minimized. In fact, in terms of astrology, the diamond is less polished and does not have any type of disorder, such a gem is suitable.|| ॐ का झंडा ऊँचा रहे || ..

₹12,275 Ex Tax: ₹12,244

4.94 CARATS-RAW DIAMOND - हीरा

|| जय चक्रधारी ||हीरा:-हीरा एक पारदर्शी रत्न है। यह रासायनिक रूप से कार्बन का शुद्धतम रूप है। हीरा सभी रत्नों में सर्वोपरि, चमकदार व कठोर होता है। इसमें खरोंच नहीं आती इसीलिए इसे वज्र कहा गया है। यह पृथ्वी के गर्भ में लाखों वर्षों की प्रक्रिया के उपरांत कोयले से बना बेशकीमती रत्न है। कौटिल्य के अर्थशास्त्र में हीरे पर विशेष चर्चा की गई है।अंगोला, नामीबिया, रूस व विश्व के अन्य देशों में हीरों की खुदाई की जाती है व बहुतायत से हीरा पाया जाता है। हीरे का आपेक्षित गुरुत्व 3:48 होता है। यह पूर्ण पारदर्शी रत्न है। असली हीरे को धूप में रखने पर किरणें निकलने लगती हैं। इसकी चमकदार किरणों की संख्या से पहचान की जाती है।ऐसी भी मान्यता है कि श्वेत हीरा सात्विक, लाल हीरा तमोगुणी, पीला हीरा रजोगुणी तथा काला हीरा शूद्रवर्णीय होता है। इसका ज्योतिषीय दृष्टिकोण यह है कि हीरा शुक्र का रत्न है। वृषभ व तुला राशि के अधिपति शुक्र हैं। इनका हीरा स्वयं तो मूल्यवान है ही, धारक को भी मालामाल कर देता है। यदि कुंडली के अच्छे भावों के स्वामी शुक्र हों, तो हीरा धारण कर सुख-संपदा में वृद्धि की जा सकती है।डायमंड की सबसे खास बात है इससे निकलने वाली ऊर्जा किरण शरीर पर रिफ्लेक्शन के द्वारा ही प्रभाव कर जाती है। इसीलिए इसको अंगूठी के रूप में पहनने के लिए हीरे का अंगुली से स्पर्श करना बिल्कुल जरूरी नहीं है। ये ऊपर से ही अपना प्रभाव दिखला जाएगा। इसके अलावा यदि हीरे को बहुत अधिक तराश दिया गया है, तो ऐसे में उसका असर न्यूनतम हो जाता है। वस्तुतः एस्ट्रोलॉजी के लिहाज़ से हीरे को कम तराशा गया हो और उसमें किसी भी तरह के विकार न हों, ऐसा ही रत्न उपयुक्त होता है।Diamond:-The diamond is a transparent gemstone. It is chemically the purest form of carbon. Diamond is paramount, shiny and hard in all gems. It does not scratch, that's why it is called Vajra. It is a precious gem made of coal after millions of years of process in the womb of the earth. In Kautilya's Arthashastra there is a special discussion on diamonds.In Angola, Namibia, Russia and other countries of the world, diamonds are excavated and diamonds are found in abundance. The relative gravity of the diamond is 3:48. It is a completely transparent gem. When the real diamond is kept in the sun, rays begin to come out. It is identified by the number of bright rays.It is also believed that white diamond is sattvic, red diamond tamoguni, yellow diamond Rajoguni and black diamond is shudravarni. Its astrological view is that diamond is the gem of Venus. The lord of Taurus and Libra are Venus. His diamond itself is not only valuable, it also makes the holder rich. If Venus is the owner of good house of horoscope, then happiness and wealth can be increased by wearing a diamond.The most important thing about diamond is that the energy rays emanate from the body through reflection. That is why it is not absolutely necessary to touch the diamond with a finger to wear it as a ring. It will show its influence from above. In addition, if the diamond has been cut too high, its effect is minimized. In fact, in terms of astrology, the diamond is less polished and does not have any type of disorder, such a gem is suitable.|| ॐ का झंडा ऊँचा रहे || ..

₹12,350 Ex Tax: ₹12,319

5.07 CARATS-RAW DIAMOND - हीरा

|| जय चक्रधारी ||हीरा:-हीरा एक पारदर्शी रत्न है। यह रासायनिक रूप से कार्बन का शुद्धतम रूप है। हीरा सभी रत्नों में सर्वोपरि, चमकदार व कठोर होता है। इसमें खरोंच नहीं आती इसीलिए इसे वज्र कहा गया है। यह पृथ्वी के गर्भ में लाखों वर्षों की प्रक्रिया के उपरांत कोयले से बना बेशकीमती रत्न है। कौटिल्य के अर्थशास्त्र में हीरे पर विशेष चर्चा की गई है।अंगोला, नामीबिया, रूस व विश्व के अन्य देशों में हीरों की खुदाई की जाती है व बहुतायत से हीरा पाया जाता है। हीरे का आपेक्षित गुरुत्व 3:48 होता है। यह पूर्ण पारदर्शी रत्न है। असली हीरे को धूप में रखने पर किरणें निकलने लगती हैं। इसकी चमकदार किरणों की संख्या से पहचान की जाती है।ऐसी भी मान्यता है कि श्वेत हीरा सात्विक, लाल हीरा तमोगुणी, पीला हीरा रजोगुणी तथा काला हीरा शूद्रवर्णीय होता है। इसका ज्योतिषीय दृष्टिकोण यह है कि हीरा शुक्र का रत्न है। वृषभ व तुला राशि के अधिपति शुक्र हैं। इनका हीरा स्वयं तो मूल्यवान है ही, धारक को भी मालामाल कर देता है। यदि कुंडली के अच्छे भावों के स्वामी शुक्र हों, तो हीरा धारण कर सुख-संपदा में वृद्धि की जा सकती है।डायमंड की सबसे खास बात है इससे निकलने वाली ऊर्जा किरण शरीर पर रिफ्लेक्शन के द्वारा ही प्रभाव कर जाती है। इसीलिए इसको अंगूठी के रूप में पहनने के लिए हीरे का अंगुली से स्पर्श करना बिल्कुल जरूरी नहीं है। ये ऊपर से ही अपना प्रभाव दिखला जाएगा। इसके अलावा यदि हीरे को बहुत अधिक तराश दिया गया है, तो ऐसे में उसका असर न्यूनतम हो जाता है। वस्तुतः एस्ट्रोलॉजी के लिहाज़ से हीरे को कम तराशा गया हो और उसमें किसी भी तरह के विकार न हों, ऐसा ही रत्न उपयुक्त होता है।Diamond:-The diamond is a transparent gemstone. It is chemically the purest form of carbon. Diamond is paramount, shiny and hard in all gems. It does not scratch, that's why it is called Vajra. It is a precious gem made of coal after millions of years of process in the womb of the earth. In Kautilya's Arthashastra there is a special discussion on diamonds.In Angola, Namibia, Russia and other countries of the world, diamonds are excavated and diamonds are found in abundance. The relative gravity of the diamond is 3:48. It is a completely transparent gem. When the real diamond is kept in the sun, rays begin to come out. It is identified by the number of bright rays.It is also believed that white diamond is sattvic, red diamond tamoguni, yellow diamond Rajoguni and black diamond is shudravarni. Its astrological view is that diamond is the gem of Venus. The lord of Taurus and Libra are Venus. His diamond itself is not only valuable, it also makes the holder rich. If Venus is the owner of good house of horoscope, then happiness and wealth can be increased by wearing a diamond.The most important thing about diamond is that the energy rays emanate from the body through reflection. That is why it is not absolutely necessary to touch the diamond with a finger to wear it as a ring. It will show its influence from above. In addition, if the diamond has been cut too high, its effect is minimized. In fact, in terms of astrology, the diamond is less polished and does not have any type of disorder, such a gem is suitable.|| ॐ का झंडा ऊँचा रहे || ..

₹12,675 Ex Tax: ₹12,643

5.11 CARATS-RAW DIAMOND - हीरा

|| जय चक्रधारी ||हीरा:-हीरा एक पारदर्शी रत्न है। यह रासायनिक रूप से कार्बन का शुद्धतम रूप है। हीरा सभी रत्नों में सर्वोपरि, चमकदार व कठोर होता है। इसमें खरोंच नहीं आती इसीलिए इसे वज्र कहा गया है। यह पृथ्वी के गर्भ में लाखों वर्षों की प्रक्रिया के उपरांत कोयले से बना बेशकीमती रत्न है। कौटिल्य के अर्थशास्त्र में हीरे पर विशेष चर्चा की गई है।अंगोला, नामीबिया, रूस व विश्व के अन्य देशों में हीरों की खुदाई की जाती है व बहुतायत से हीरा पाया जाता है। हीरे का आपेक्षित गुरुत्व 3:48 होता है। यह पूर्ण पारदर्शी रत्न है। असली हीरे को धूप में रखने पर किरणें निकलने लगती हैं। इसकी चमकदार किरणों की संख्या से पहचान की जाती है।ऐसी भी मान्यता है कि श्वेत हीरा सात्विक, लाल हीरा तमोगुणी, पीला हीरा रजोगुणी तथा काला हीरा शूद्रवर्णीय होता है। इसका ज्योतिषीय दृष्टिकोण यह है कि हीरा शुक्र का रत्न है। वृषभ व तुला राशि के अधिपति शुक्र हैं। इनका हीरा स्वयं तो मूल्यवान है ही, धारक को भी मालामाल कर देता है। यदि कुंडली के अच्छे भावों के स्वामी शुक्र हों, तो हीरा धारण कर सुख-संपदा में वृद्धि की जा सकती है।डायमंड की सबसे खास बात है इससे निकलने वाली ऊर्जा किरण शरीर पर रिफ्लेक्शन के द्वारा ही प्रभाव कर जाती है। इसीलिए इसको अंगूठी के रूप में पहनने के लिए हीरे का अंगुली से स्पर्श करना बिल्कुल जरूरी नहीं है। ये ऊपर से ही अपना प्रभाव दिखला जाएगा। इसके अलावा यदि हीरे को बहुत अधिक तराश दिया गया है, तो ऐसे में उसका असर न्यूनतम हो जाता है। वस्तुतः एस्ट्रोलॉजी के लिहाज़ से हीरे को कम तराशा गया हो और उसमें किसी भी तरह के विकार न हों, ऐसा ही रत्न उपयुक्त होता है।Diamond:-The diamond is a transparent gemstone. It is chemically the purest form of carbon. Diamond is paramount, shiny and hard in all gems. It does not scratch, that's why it is called Vajra. It is a precious gem made of coal after millions of years of process in the womb of the earth. In Kautilya's Arthashastra there is a special discussion on diamonds.In Angola, Namibia, Russia and other countries of the world, diamonds are excavated and diamonds are found in abundance. The relative gravity of the diamond is 3:48. It is a completely transparent gem. When the real diamond is kept in the sun, rays begin to come out. It is identified by the number of bright rays.It is also believed that white diamond is sattvic, red diamond tamoguni, yellow diamond Rajoguni and black diamond is shudravarni. Its astrological view is that diamond is the gem of Venus. The lord of Taurus and Libra are Venus. His diamond itself is not only valuable, it also makes the holder rich. If Venus is the owner of good house of horoscope, then happiness and wealth can be increased by wearing a diamond.The most important thing about diamond is that the energy rays emanate from the body through reflection. That is why it is not absolutely necessary to touch the diamond with a finger to wear it as a ring. It will show its influence from above. In addition, if the diamond has been cut too high, its effect is minimized. In fact, in terms of astrology, the diamond is less polished and does not have any type of disorder, such a gem is suitable.|| ॐ का झंडा ऊँचा रहे || ..

₹12,775 Ex Tax: ₹12,743

5.17 CARATS-RAW DIAMOND - हीरा

|| जय चक्रधारी ||हीरा:-हीरा एक पारदर्शी रत्न है। यह रासायनिक रूप से कार्बन का शुद्धतम रूप है। हीरा सभी रत्नों में सर्वोपरि, चमकदार व कठोर होता है। इसमें खरोंच नहीं आती इसीलिए इसे वज्र कहा गया है। यह पृथ्वी के गर्भ में लाखों वर्षों की प्रक्रिया के उपरांत कोयले से बना बेशकीमती रत्न है। कौटिल्य के अर्थशास्त्र में हीरे पर विशेष चर्चा की गई है।अंगोला, नामीबिया, रूस व विश्व के अन्य देशों में हीरों की खुदाई की जाती है व बहुतायत से हीरा पाया जाता है। हीरे का आपेक्षित गुरुत्व 3:48 होता है। यह पूर्ण पारदर्शी रत्न है। असली हीरे को धूप में रखने पर किरणें निकलने लगती हैं। इसकी चमकदार किरणों की संख्या से पहचान की जाती है।ऐसी भी मान्यता है कि श्वेत हीरा सात्विक, लाल हीरा तमोगुणी, पीला हीरा रजोगुणी तथा काला हीरा शूद्रवर्णीय होता है। इसका ज्योतिषीय दृष्टिकोण यह है कि हीरा शुक्र का रत्न है। वृषभ व तुला राशि के अधिपति शुक्र हैं। इनका हीरा स्वयं तो मूल्यवान है ही, धारक को भी मालामाल कर देता है। यदि कुंडली के अच्छे भावों के स्वामी शुक्र हों, तो हीरा धारण कर सुख-संपदा में वृद्धि की जा सकती है।डायमंड की सबसे खास बात है इससे निकलने वाली ऊर्जा किरण शरीर पर रिफ्लेक्शन के द्वारा ही प्रभाव कर जाती है। इसीलिए इसको अंगूठी के रूप में पहनने के लिए हीरे का अंगुली से स्पर्श करना बिल्कुल जरूरी नहीं है। ये ऊपर से ही अपना प्रभाव दिखला जाएगा। इसके अलावा यदि हीरे को बहुत अधिक तराश दिया गया है, तो ऐसे में उसका असर न्यूनतम हो जाता है। वस्तुतः एस्ट्रोलॉजी के लिहाज़ से हीरे को कम तराशा गया हो और उसमें किसी भी तरह के विकार न हों, ऐसा ही रत्न उपयुक्त होता है।Diamond:-The diamond is a transparent gemstone. It is chemically the purest form of carbon. Diamond is paramount, shiny and hard in all gems. It does not scratch, that's why it is called Vajra. It is a precious gem made of coal after millions of years of process in the womb of the earth. In Kautilya's Arthashastra there is a special discussion on diamonds.In Angola, Namibia, Russia and other countries of the world, diamonds are excavated and diamonds are found in abundance. The relative gravity of the diamond is 3:48. It is a completely transparent gem. When the real diamond is kept in the sun, rays begin to come out. It is identified by the number of bright rays.It is also believed that white diamond is sattvic, red diamond tamoguni, yellow diamond Rajoguni and black diamond is shudravarni. Its astrological view is that diamond is the gem of Venus. The lord of Taurus and Libra are Venus. His diamond itself is not only valuable, it also makes the holder rich. If Venus is the owner of good house of horoscope, then happiness and wealth can be increased by wearing a diamond.The most important thing about diamond is that the energy rays emanate from the body through reflection. That is why it is not absolutely necessary to touch the diamond with a finger to wear it as a ring. It will show its influence from above. In addition, if the diamond has been cut too high, its effect is minimized. In fact, in terms of astrology, the diamond is less polished and does not have any type of disorder, such a gem is suitable.|| ॐ का झंडा ऊँचा रहे || ..

₹12,925 Ex Tax: ₹12,893

5.17 CARATS-RAW DIAMOND - हीरा 2

|| जय चक्रधारी ||हीरा:-हीरा एक पारदर्शी रत्न है। यह रासायनिक रूप से कार्बन का शुद्धतम रूप है। हीरा सभी रत्नों में सर्वोपरि, चमकदार व कठोर होता है। इसमें खरोंच नहीं आती इसीलिए इसे वज्र कहा गया है। यह पृथ्वी के गर्भ में लाखों वर्षों की प्रक्रिया के उपरांत कोयले से बना बेशकीमती रत्न है। कौटिल्य के अर्थशास्त्र में हीरे पर विशेष चर्चा की गई है।अंगोला, नामीबिया, रूस व विश्व के अन्य देशों में हीरों की खुदाई की जाती है व बहुतायत से हीरा पाया जाता है। हीरे का आपेक्षित गुरुत्व 3:48 होता है। यह पूर्ण पारदर्शी रत्न है। असली हीरे को धूप में रखने पर किरणें निकलने लगती हैं। इसकी चमकदार किरणों की संख्या से पहचान की जाती है।ऐसी भी मान्यता है कि श्वेत हीरा सात्विक, लाल हीरा तमोगुणी, पीला हीरा रजोगुणी तथा काला हीरा शूद्रवर्णीय होता है। इसका ज्योतिषीय दृष्टिकोण यह है कि हीरा शुक्र का रत्न है। वृषभ व तुला राशि के अधिपति शुक्र हैं। इनका हीरा स्वयं तो मूल्यवान है ही, धारक को भी मालामाल कर देता है। यदि कुंडली के अच्छे भावों के स्वामी शुक्र हों, तो हीरा धारण कर सुख-संपदा में वृद्धि की जा सकती है।डायमंड की सबसे खास बात है इससे निकलने वाली ऊर्जा किरण शरीर पर रिफ्लेक्शन के द्वारा ही प्रभाव कर जाती है। इसीलिए इसको अंगूठी के रूप में पहनने के लिए हीरे का अंगुली से स्पर्श करना बिल्कुल जरूरी नहीं है। ये ऊपर से ही अपना प्रभाव दिखला जाएगा। इसके अलावा यदि हीरे को बहुत अधिक तराश दिया गया है, तो ऐसे में उसका असर न्यूनतम हो जाता है। वस्तुतः एस्ट्रोलॉजी के लिहाज़ से हीरे को कम तराशा गया हो और उसमें किसी भी तरह के विकार न हों, ऐसा ही रत्न उपयुक्त होता है।Diamond:-The diamond is a transparent gemstone. It is chemically the purest form of carbon. Diamond is paramount, shiny and hard in all gems. It does not scratch, that's why it is called Vajra. It is a precious gem made of coal after millions of years of process in the womb of the earth. In Kautilya's Arthashastra there is a special discussion on diamonds.In Angola, Namibia, Russia and other countries of the world, diamonds are excavated and diamonds are found in abundance. The relative gravity of the diamond is 3:48. It is a completely transparent gem. When the real diamond is kept in the sun, rays begin to come out. It is identified by the number of bright rays.It is also believed that white diamond is sattvic, red diamond tamoguni, yellow diamond Rajoguni and black diamond is shudravarni. Its astrological view is that diamond is the gem of Venus. The lord of Taurus and Libra are Venus. His diamond itself is not only valuable, it also makes the holder rich. If Venus is the owner of good house of horoscope, then happiness and wealth can be increased by wearing a diamond.The most important thing about diamond is that the energy rays emanate from the body through reflection. That is why it is not absolutely necessary to touch the diamond with a finger to wear it as a ring. It will show its influence from above. In addition, if the diamond has been cut too high, its effect is minimized. In fact, in terms of astrology, the diamond is less polished and does not have any type of disorder, such a gem is suitable.|| ॐ का झंडा ऊँचा रहे || ..

₹12,925 Ex Tax: ₹12,893

5.24 CARATS-RAW DIAMOND - हीरा

|| जय चक्रधारी ||हीरा:-हीरा एक पारदर्शी रत्न है। यह रासायनिक रूप से कार्बन का शुद्धतम रूप है। हीरा सभी रत्नों में सर्वोपरि, चमकदार व कठोर होता है। इसमें खरोंच नहीं आती इसीलिए इसे वज्र कहा गया है। यह पृथ्वी के गर्भ में लाखों वर्षों की प्रक्रिया के उपरांत कोयले से बना बेशकीमती रत्न है। कौटिल्य के अर्थशास्त्र में हीरे पर विशेष चर्चा की गई है।अंगोला, नामीबिया, रूस व विश्व के अन्य देशों में हीरों की खुदाई की जाती है व बहुतायत से हीरा पाया जाता है। हीरे का आपेक्षित गुरुत्व 3:48 होता है। यह पूर्ण पारदर्शी रत्न है। असली हीरे को धूप में रखने पर किरणें निकलने लगती हैं। इसकी चमकदार किरणों की संख्या से पहचान की जाती है।ऐसी भी मान्यता है कि श्वेत हीरा सात्विक, लाल हीरा तमोगुणी, पीला हीरा रजोगुणी तथा काला हीरा शूद्रवर्णीय होता है। इसका ज्योतिषीय दृष्टिकोण यह है कि हीरा शुक्र का रत्न है। वृषभ व तुला राशि के अधिपति शुक्र हैं। इनका हीरा स्वयं तो मूल्यवान है ही, धारक को भी मालामाल कर देता है। यदि कुंडली के अच्छे भावों के स्वामी शुक्र हों, तो हीरा धारण कर सुख-संपदा में वृद्धि की जा सकती है।डायमंड की सबसे खास बात है इससे निकलने वाली ऊर्जा किरण शरीर पर रिफ्लेक्शन के द्वारा ही प्रभाव कर जाती है। इसीलिए इसको अंगूठी के रूप में पहनने के लिए हीरे का अंगुली से स्पर्श करना बिल्कुल जरूरी नहीं है। ये ऊपर से ही अपना प्रभाव दिखला जाएगा। इसके अलावा यदि हीरे को बहुत अधिक तराश दिया गया है, तो ऐसे में उसका असर न्यूनतम हो जाता है। वस्तुतः एस्ट्रोलॉजी के लिहाज़ से हीरे को कम तराशा गया हो और उसमें किसी भी तरह के विकार न हों, ऐसा ही रत्न उपयुक्त होता है।Diamond:-The diamond is a transparent gemstone. It is chemically the purest form of carbon. Diamond is paramount, shiny and hard in all gems. It does not scratch, that's why it is called Vajra. It is a precious gem made of coal after millions of years of process in the womb of the earth. In Kautilya's Arthashastra there is a special discussion on diamonds.In Angola, Namibia, Russia and other countries of the world, diamonds are excavated and diamonds are found in abundance. The relative gravity of the diamond is 3:48. It is a completely transparent gem. When the real diamond is kept in the sun, rays begin to come out. It is identified by the number of bright rays.It is also believed that white diamond is sattvic, red diamond tamoguni, yellow diamond Rajoguni and black diamond is shudravarni. Its astrological view is that diamond is the gem of Venus. The lord of Taurus and Libra are Venus. His diamond itself is not only valuable, it also makes the holder rich. If Venus is the owner of good house of horoscope, then happiness and wealth can be increased by wearing a diamond.The most important thing about diamond is that the energy rays emanate from the body through reflection. That is why it is not absolutely necessary to touch the diamond with a finger to wear it as a ring. It will show its influence from above. In addition, if the diamond has been cut too high, its effect is minimized. In fact, in terms of astrology, the diamond is less polished and does not have any type of disorder, such a gem is suitable.|| ॐ का झंडा ऊँचा रहे || ..

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5.26 CARATS-RAW DIAMOND - हीरा

|| जय चक्रधारी ||हीरा:-हीरा एक पारदर्शी रत्न है। यह रासायनिक रूप से कार्बन का शुद्धतम रूप है। हीरा सभी रत्नों में सर्वोपरि, चमकदार व कठोर होता है। इसमें खरोंच नहीं आती इसीलिए इसे वज्र कहा गया है। यह पृथ्वी के गर्भ में लाखों वर्षों की प्रक्रिया के उपरांत कोयले से बना बेशकीमती रत्न है। कौटिल्य के अर्थशास्त्र में हीरे पर विशेष चर्चा की गई है।अंगोला, नामीबिया, रूस व विश्व के अन्य देशों में हीरों की खुदाई की जाती है व बहुतायत से हीरा पाया जाता है। हीरे का आपेक्षित गुरुत्व 3:48 होता है। यह पूर्ण पारदर्शी रत्न है। असली हीरे को धूप में रखने पर किरणें निकलने लगती हैं। इसकी चमकदार किरणों की संख्या से पहचान की जाती है।ऐसी भी मान्यता है कि श्वेत हीरा सात्विक, लाल हीरा तमोगुणी, पीला हीरा रजोगुणी तथा काला हीरा शूद्रवर्णीय होता है। इसका ज्योतिषीय दृष्टिकोण यह है कि हीरा शुक्र का रत्न है। वृषभ व तुला राशि के अधिपति शुक्र हैं। इनका हीरा स्वयं तो मूल्यवान है ही, धारक को भी मालामाल कर देता है। यदि कुंडली के अच्छे भावों के स्वामी शुक्र हों, तो हीरा धारण कर सुख-संपदा में वृद्धि की जा सकती है।डायमंड की सबसे खास बात है इससे निकलने वाली ऊर्जा किरण शरीर पर रिफ्लेक्शन के द्वारा ही प्रभाव कर जाती है। इसीलिए इसको अंगूठी के रूप में पहनने के लिए हीरे का अंगुली से स्पर्श करना बिल्कुल जरूरी नहीं है। ये ऊपर से ही अपना प्रभाव दिखला जाएगा। इसके अलावा यदि हीरे को बहुत अधिक तराश दिया गया है, तो ऐसे में उसका असर न्यूनतम हो जाता है। वस्तुतः एस्ट्रोलॉजी के लिहाज़ से हीरे को कम तराशा गया हो और उसमें किसी भी तरह के विकार न हों, ऐसा ही रत्न उपयुक्त होता है।Diamond:-The diamond is a transparent gemstone. It is chemically the purest form of carbon. Diamond is paramount, shiny and hard in all gems. It does not scratch, that's why it is called Vajra. It is a precious gem made of coal after millions of years of process in the womb of the earth. In Kautilya's Arthashastra there is a special discussion on diamonds.In Angola, Namibia, Russia and other countries of the world, diamonds are excavated and diamonds are found in abundance. The relative gravity of the diamond is 3:48. It is a completely transparent gem. When the real diamond is kept in the sun, rays begin to come out. It is identified by the number of bright rays.It is also believed that white diamond is sattvic, red diamond tamoguni, yellow diamond Rajoguni and black diamond is shudravarni. Its astrological view is that diamond is the gem of Venus. The lord of Taurus and Libra are Venus. His diamond itself is not only valuable, it also makes the holder rich. If Venus is the owner of good house of horoscope, then happiness and wealth can be increased by wearing a diamond.The most important thing about diamond is that the energy rays emanate from the body through reflection. That is why it is not absolutely necessary to touch the diamond with a finger to wear it as a ring. It will show its influence from above. In addition, if the diamond has been cut too high, its effect is minimized. In fact, in terms of astrology, the diamond is less polished and does not have any type of disorder, such a gem is suitable.|| ॐ का झंडा ऊँचा रहे || ..

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