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SILVER UTENSILS - चांदी बर्तन

SILVER BHAGONI - चांदी भगोनी-250 Ml (144 gm)

|| जय चक्रधारी ||चाँदी बर्तन:- लो जी आज बात करते हैं चाँदी पर - शिव नेत्र से ही चाँदी की उत्पत्ति मानी गयी है | जहाँ शिव के मूल 2 नेत्रों से रुद्राक्ष उत्पन्न हुए हैं वही, तीसरे नेत्र के जल से उत्पत्ति हुई है चाँदी की |चाँदी,रजत,चन्द्रलोह,महाशुभ,रूपक, शुभ्र, अदि नामो से इस धातु को जाना जाता है वेदकालीन युग से ही भारतीयों को रजत के सन्दर्भ में विशेष ज्ञान है आयुर्वेदिक सहिंता जैसे चरकसहिंता में तो रजत पात्र एवं चिकित्सा सम्बन्धी उपयोग लिखा है चांदी स्वास्थ्य के साथ साथ आपको धन सम्पदा देने में भी सक्षम है | यह एक ऐसी धातु है जो भारत में सर्वाधिक पहनी जाती है |भारत के किसी भी हिस्से में आप जायेंगे तो पाएंगे के सभी ग्रामीण क्षेत्रो में - स्त्रियों और पुरुषो द्वारा भी चाँदी अपने हाथ पैरों में धारण की जाती है अथवा इसके बने बर्तन तो कई सदियों से इस्तेमाल में आ रहे है  | हम किसी ग्रामीण से पूछे के चाँदी का उपयोग क्यों करते है - तो वो यही बता पाएंगे के - के हमारे रीति रिवाज में यह उपयोग की जाती है | किन्तु इसकी वैज्ञानिकता के पीछे हैं हमारे ऋषि, जिनकी खोज आज के विज्ञान से बहुत ऊँची थी | जिसका प्रमाण हमारे शास्त्रों में वेदों में मिलता ही मिलता है | ज्योतिष दृष्टिकोण १. शुक्र, चंद्र का प्रतिनिधित्व करती है | २. धन सम्पति देती है | ३. अकाल मृत्यु से बचती है| ४. ऊपरी हवा, गलत तंत्र क्रियाओं से बचने में सक्षम | ५. राहु, केतु व् शनि के दोषों को भी मिटाने में सक्षम | ६. गुरु गृह व बुध गृह को करे बलवान | ७. वाणी में माधुर्य आना | स्वस्थ्य दृष्टिकोण – १. डिप्रेशन से बचने की क्षमता | २. कफ की परेशानी को नियंत्रित करने की क्षमता | ३. आर्थराइटिस , जोड़ों के दर्द को मिटाने में सहायक | ४. वायरस, हवा में उड़ते रोगाणुओं से बचाने में सक्षम | ५. चमड़ी की चमक बनाये रखने की ताकत | ६. रक्त सचर को सामान्य रखने में सक्षम |  ७. शुक्र की वृद्धि करना, बल बढ़ाना, वीर्य बढ़ाना ८. पित्त रोग नाशक, ,शरीर की पुष्टि करना, महारोग से बचानाकदाचित इन्ही कारणों से - अमरीका के वाइट हाउस के कार्पेट में - चाँदी के बारीक तार लगे हैं, जिससे वहाँ बैठे सभी नेताओ का स्वास्थ्य सही रहे | आओ जानते हैं चाँदी के प्रकार – सहज चाँदी - हिमालय की तलहटी से धरती से प्राप्त होती है, जो की संसार की श्रेष्ठ चाँदी में आती हैं | खान से उत्पन्न चाँदी - आज की तारिख में सर्वाधित सुलभता से मिलने वाली यह चाँदी भी गुणवान है - किन्तु उसी अवस्था में जब यह शुद्ध हो | कृत्रिम चाँदी - रांगा, जस्ता व कुछ रासायनिक क्रियाओ से तैयार की जाती हैं - जो की आपके स्वस्थ्य को नुक्सान ही पहुँचती है जिसे नकली चाँदी भी कहा जा सकता है | आप अपने जीवन में चाँदी अवश्य उपयोग करे  I ध्यान देने योग्य यही बात है के चाँदी शुद्ध होनी चाहिए, अन्यथा कोई लाभ नहीं | इस लेख की काफी जानकारी आयुर्वेद ग्रन्थ से ली गयी हैं, जिसे लाखो वर्षो पहले लिखा जा चूका है | पढ़ कर गौरव हुआ हो तो उन ऋषियों को और कृष्णा को धन्यवाद देना न भूले, जिन्होंने आपको भारत में जन्म दिया है |Silver Utensils:-let’s talks about silver today - the origin of silver is believed to be from Shiva's eye. Where Rudraksha originated from the original 2 eyes of Shiva, the silver originated from the water of the third eye. This metal is known by the names Silver, Chandraloh, Mahasubha, Metaphor, Shubhra, etc. Since the Vedic era Indians have special knowledge about silver. In the Charak sahinta like Ayurvedic Sahinta, there is a silver vessel and medical related use.Silver is also capable of giving you wealth as well as health. It is a metal that is most commonly worn in India. If you go to any part of India, you will find that in all rural areas - silver is also worn by women and men in their hands and feet, or utensils made of it have been in use for many centuries.  If we ask a villager why they use silver - then he will be tell you that - it is used in there customs.But behind its scientific usage are our sage, whose discovery was much higher than today's science. The proof of which is found in the Vedas in our scriptures.  Astrological outlook:-1.Represents Venus and the Moon. 2.gives wealth. 3.Protect from unnatural death. 4. Able to protect  from negative energy.5. Able to lower the negative effects of Rahu, Ketu and Saturn. 6. Make Guru grah and Mercury grah strong.  7. Melody in speechHealthy approach -1. Ability to avoid depression2. Ability to control cough discomfort.3. Arthritis, helpful in eradicating joint pain.4. Able to protect viruses from airborne germs.5. Strength to keep the shine of the skin.6. Able to keep blood circulation normal.7.Increase strength and Increases Semen8. Helps in Bowel diseases, strengthen the body, protect from the diseaseProbably owing to these  reasons - the carpet of white house of America have- fine wires of silver, so that the health of all the leaders sitting there is protected. Let's know the types of silver1.Spontaneous silver - is obtained from the foothills of the Himalayas from the earth, which comes in the best silver in the world.2.Silver produced from the mine - This silver is also of great quality in today's date - but in the same condition if it is pure.3.Artificial silver - prepared with ranga, zinc and some chemical reactions - that only damages your health, which can also be called fake silver.You must use silver in your life. It is important to note that silver should be pure, otherwise there is no benefit.  Much information of this article has been taken from Ayurveda text, which has been written millions of years ago. If you are proud to read, then do not forget to thank those sages and Krishna, who gave birth to you in India.|| ॐ का झंडा ऊँचा रहे ||..

₹13,680 Ex Tax: ₹13,282

SILVER BHAGONI - चांदी भगोनी-500 Ml (345 gm)

|| जय चक्रधारी ||चाँदी बर्तन:- लो जी आज बात करते हैं चाँदी पर - शिव नेत्र से ही चाँदी की उत्पत्ति मानी गयी है | जहाँ शिव के मूल 2 नेत्रों से रुद्राक्ष उत्पन्न हुए हैं वही, तीसरे नेत्र के जल से उत्पत्ति हुई है चाँदी की |चाँदी,रजत,चन्द्रलोह,महाशुभ,रूपक, शुभ्र, अदि नामो से इस धातु को जाना जाता है वेदकालीन युग से ही भारतीयों को रजत के सन्दर्भ में विशेष ज्ञान है आयुर्वेदिक सहिंता जैसे चरकसहिंता में तो रजत पात्र एवं चिकित्सा सम्बन्धी उपयोग लिखा है चांदी स्वास्थ्य के साथ साथ आपको धन सम्पदा देने में भी सक्षम है | यह एक ऐसी धातु है जो भारत में सर्वाधिक पहनी जाती है |भारत के किसी भी हिस्से में आप जायेंगे तो पाएंगे के सभी ग्रामीण क्षेत्रो में - स्त्रियों और पुरुषो द्वारा भी चाँदी अपने हाथ पैरों में धारण की जाती है अथवा इसके बने बर्तन तो कई सदियों से इस्तेमाल में आ रहे है  | हम किसी ग्रामीण से पूछे के चाँदी का उपयोग क्यों करते है - तो वो यही बता पाएंगे के - के हमारे रीति रिवाज में यह उपयोग की जाती है | किन्तु इसकी वैज्ञानिकता के पीछे हैं हमारे ऋषि, जिनकी खोज आज के विज्ञान से बहुत ऊँची थी | जिसका प्रमाण हमारे शास्त्रों में वेदों में मिलता ही मिलता है | ज्योतिष दृष्टिकोण १. शुक्र, चंद्र का प्रतिनिधित्व करती है | २. धन सम्पति देती है | ३. अकाल मृत्यु से बचती है| ४. ऊपरी हवा, गलत तंत्र क्रियाओं से बचने में सक्षम | ५. राहु, केतु व् शनि के दोषों को भी मिटाने में सक्षम | ६. गुरु गृह व बुध गृह को करे बलवान | ७. वाणी में माधुर्य आना | स्वस्थ्य दृष्टिकोण – १. डिप्रेशन से बचने की क्षमता | २. कफ की परेशानी को नियंत्रित करने की क्षमता | ३. आर्थराइटिस , जोड़ों के दर्द को मिटाने में सहायक | ४. वायरस, हवा में उड़ते रोगाणुओं से बचाने में सक्षम | ५. चमड़ी की चमक बनाये रखने की ताकत | ६. रक्त सचर को सामान्य रखने में सक्षम |  ७. शुक्र की वृद्धि करना, बल बढ़ाना, वीर्य बढ़ाना ८. पित्त रोग नाशक, ,शरीर की पुष्टि करना, महारोग से बचानाकदाचित इन्ही कारणों से - अमरीका के वाइट हाउस के कार्पेट में - चाँदी के बारीक तार लगे हैं, जिससे वहाँ बैठे सभी नेताओ का स्वास्थ्य सही रहे | आओ जानते हैं चाँदी के प्रकार – सहज चाँदी - हिमालय की तलहटी से धरती से प्राप्त होती है, जो की संसार की श्रेष्ठ चाँदी में आती हैं | खान से उत्पन्न चाँदी - आज की तारिख में सर्वाधित सुलभता से मिलने वाली यह चाँदी भी गुणवान है - किन्तु उसी अवस्था में जब यह शुद्ध हो | कृत्रिम चाँदी - रांगा, जस्ता व कुछ रासायनिक क्रियाओ से तैयार की जाती हैं - जो की आपके स्वस्थ्य को नुक्सान ही पहुँचती है जिसे नकली चाँदी भी कहा जा सकता है | आप अपने जीवन में चाँदी अवश्य उपयोग करे  I ध्यान देने योग्य यही बात है के चाँदी शुद्ध होनी चाहिए, अन्यथा कोई लाभ नहीं | इस लेख की काफी जानकारी आयुर्वेद ग्रन्थ से ली गयी हैं, जिसे लाखो वर्षो पहले लिखा जा चूका है | पढ़ कर गौरव हुआ हो तो उन ऋषियों को और कृष्णा को धन्यवाद देना न भूले, जिन्होंने आपको भारत में जन्म दिया है |Silver Utensils:-let’s talks about silver today - the origin of silver is believed to be from Shiva's eye. Where Rudraksha originated from the original 2 eyes of Shiva, the silver originated from the water of the third eye. This metal is known by the names Silver, Chandraloh, Mahasubha, Metaphor, Shubhra, etc. Since the Vedic era Indians have special knowledge about silver. In the Charak sahinta like Ayurvedic Sahinta, there is a silver vessel and medical related use.Silver is also capable of giving you wealth as well as health. It is a metal that is most commonly worn in India. If you go to any part of India, you will find that in all rural areas - silver is also worn by women and men in their hands and feet, or utensils made of it have been in use for many centuries.  If we ask a villager why they use silver - then he will be tell you that - it is used in there customs.But behind its scientific usage are our sage, whose discovery was much higher than today's science. The proof of which is found in the Vedas in our scriptures.  Astrological outlook:-1.Represents Venus and the Moon. 2.gives wealth. 3.Protect from unnatural death. 4. Able to protect  from negative energy.5. Able to lower the negative effects of Rahu, Ketu and Saturn. 6. Make Guru grah and Mercury grah strong.  7. Melody in speechHealthy approach -1. Ability to avoid depression2. Ability to control cough discomfort.3. Arthritis, helpful in eradicating joint pain.4. Able to protect viruses from airborne germs.5. Strength to keep the shine of the skin.6. Able to keep blood circulation normal.7.Increase strength and Increases Semen8. Helps in Bowel diseases, strengthen the body, protect from the diseaseProbably owing to these  reasons - the carpet of white house of America have- fine wires of silver, so that the health of all the leaders sitting there is protected. Let's know the types of silver1.Spontaneous silver - is obtained from the foothills of the Himalayas from the earth, which comes in the best silver in the world.2.Silver produced from the mine - This silver is also of great quality in today's date - but in the same condition if it is pure.3.Artificial silver - prepared with ranga, zinc and some chemical reactions - that only damages your health, which can also be called fake silver.You must use silver in your life. It is important to note that silver should be pure, otherwise there is no benefit.  Much information of this article has been taken from Ayurveda text, which has been written millions of years ago. If you are proud to read, then do not forget to thank those sages and Krishna, who gave birth to you in India.|| ॐ का झंडा ऊँचा रहे ||..

₹32,775 Ex Tax: ₹31,820

SILVER SPOON - चांदी चम्मच (45 gm)

|| जय चक्रधारी ||चाँदी बर्तन:- लो जी आज बात करते हैं चाँदी पर - शिव नेत्र से ही चाँदी की उत्पत्ति मानी गयी है | जहाँ शिव के मूल 2 नेत्रों से रुद्राक्ष उत्पन्न हुए हैं वही, तीसरे नेत्र के जल से उत्पत्ति हुई है चाँदी की |चाँदी,रजत,चन्द्रलोह,महाशुभ,रूपक, शुभ्र, अदि नामो से इस धातु को जाना जाता है वेदकालीन युग से ही भारतीयों को रजत के सन्दर्भ में विशेष ज्ञान है आयुर्वेदिक सहिंता जैसे चरकसहिंता में तो रजत पात्र एवं चिकित्सा सम्बन्धी उपयोग लिखा है चांदी स्वास्थ्य के साथ साथ आपको धन सम्पदा देने में भी सक्षम है | यह एक ऐसी धातु है जो भारत में सर्वाधिक पहनी जाती है |भारत के किसी भी हिस्से में आप जायेंगे तो पाएंगे के सभी ग्रामीण क्षेत्रो में - स्त्रियों और पुरुषो द्वारा भी चाँदी अपने हाथ पैरों में धारण की जाती है अथवा इसके बने बर्तन तो कई सदियों से इस्तेमाल में आ रहे है  | हम किसी ग्रामीण से पूछे के चाँदी का उपयोग क्यों करते है - तो वो यही बता पाएंगे के - के हमारे रीति रिवाज में यह उपयोग की जाती है | किन्तु इसकी वैज्ञानिकता के पीछे हैं हमारे ऋषि, जिनकी खोज आज के विज्ञान से बहुत ऊँची थी | जिसका प्रमाण हमारे शास्त्रों में वेदों में मिलता ही मिलता है | ज्योतिष दृष्टिकोण १. शुक्र, चंद्र का प्रतिनिधित्व करती है | २. धन सम्पति देती है | ३. अकाल मृत्यु से बचती है| ४. ऊपरी हवा, गलत तंत्र क्रियाओं से बचने में सक्षम | ५. राहु, केतु व् शनि के दोषों को भी मिटाने में सक्षम | ६. गुरु गृह व बुध गृह को करे बलवान | ७. वाणी में माधुर्य आना | स्वस्थ्य दृष्टिकोण – १. डिप्रेशन से बचने की क्षमता | २. कफ की परेशानी को नियंत्रित करने की क्षमता | ३. आर्थराइटिस , जोड़ों के दर्द को मिटाने में सहायक | ४. वायरस, हवा में उड़ते रोगाणुओं से बचाने में सक्षम | ५. चमड़ी की चमक बनाये रखने की ताकत | ६. रक्त सचर को सामान्य रखने में सक्षम |  ७. शुक्र की वृद्धि करना, बल बढ़ाना, वीर्य बढ़ाना ८. पित्त रोग नाशक, ,शरीर की पुष्टि करना, महारोग से बचानाकदाचित इन्ही कारणों से - अमरीका के वाइट हाउस के कार्पेट में - चाँदी के बारीक तार लगे हैं, जिससे वहाँ बैठे सभी नेताओ का स्वास्थ्य सही रहे | आओ जानते हैं चाँदी के प्रकार – सहज चाँदी - हिमालय की तलहटी से धरती से प्राप्त होती है, जो की संसार की श्रेष्ठ चाँदी में आती हैं | खान से उत्पन्न चाँदी - आज की तारिख में सर्वाधित सुलभता से मिलने वाली यह चाँदी भी गुणवान है - किन्तु उसी अवस्था में जब यह शुद्ध हो | कृत्रिम चाँदी - रांगा, जस्ता व कुछ रासायनिक क्रियाओ से तैयार की जाती हैं - जो की आपके स्वस्थ्य को नुक्सान ही पहुँचती है जिसे नकली चाँदी भी कहा जा सकता है | आप अपने जीवन में चाँदी अवश्य उपयोग करे  I ध्यान देने योग्य यही बात है के चाँदी शुद्ध होनी चाहिए, अन्यथा कोई लाभ नहीं | इस लेख की काफी जानकारी आयुर्वेद ग्रन्थ से ली गयी हैं, जिसे लाखो वर्षो पहले लिखा जा चूका है | पढ़ कर गौरव हुआ हो तो उन ऋषियों को और कृष्णा को धन्यवाद देना न भूले, जिन्होंने आपको भारत में जन्म दिया है |Silver Utensils:-let’s talks about silver today - the origin of silver is believed to be from Shiva's eye. Where Rudraksha originated from the original 2 eyes of Shiva, the silver originated from the water of the third eye. This metal is known by the names Silver, Chandraloh, Mahasubha, Metaphor, Shubhra, etc. Since the Vedic era Indians have special knowledge about silver. In the Charak sahinta like Ayurvedic Sahinta, there is a silver vessel and medical related use.Silver is also capable of giving you wealth as well as health. It is a metal that is most commonly worn in India. If you go to any part of India, you will find that in all rural areas - silver is also worn by women and men in their hands and feet, or utensils made of it have been in use for many centuries.  If we ask a villager why they use silver - then he will be tell you that - it is used in there customs.But behind its scientific usage are our sage, whose discovery was much higher than today's science. The proof of which is found in the Vedas in our scriptures.  Astrological outlook:-1.Represents Venus and the Moon. 2.gives wealth. 3.Protect from unnatural death. 4. Able to protect  from negative energy.5. Able to lower the negative effects of Rahu, Ketu and Saturn. 6. Make Guru grah and Mercury grah strong.  7. Melody in speechHealthy approach -1. Ability to avoid depression2. Ability to control cough discomfort.3. Arthritis, helpful in eradicating joint pain.4. Able to protect viruses from airborne germs.5. Strength to keep the shine of the skin.6. Able to keep blood circulation normal.7.Increase strength and Increases Semen8. Helps in Bowel diseases, strengthen the body, protect from the diseaseProbably owing to these  reasons - the carpet of white house of America have- fine wires of silver, so that the health of all the leaders sitting there is protected. Let's know the types of silver1.Spontaneous silver - is obtained from the foothills of the Himalayas from the earth, which comes in the best silver in the world.2.Silver produced from the mine - This silver is also of great quality in today's date - but in the same condition if it is pure.3.Artificial silver - prepared with ranga, zinc and some chemical reactions - that only damages your health, which can also be called fake silver.You must use silver in your life. It is important to note that silver should be pure, otherwise there is no benefit.  Much information of this article has been taken from Ayurveda text, which has been written millions of years ago. If you are proud to read, then do not forget to thank those sages and Krishna, who gave birth to you in India.|| ॐ का झंडा ऊँचा रहे ||..

₹4,275 Ex Tax: ₹4,150

SILVER TAWA - चांदी तवा

|| जय चक्रधारी ||चाँदी बर्तन:- लो जी आज बात करते हैं चाँदी पर - शिव नेत्र से ही चाँदी की उत्पत्ति मानी गयी है | जहाँ शिव के मूल 2 नेत्रों से रुद्राक्ष उत्पन्न हुए हैं वही, तीसरे नेत्र के जल से उत्पत्ति हुई है चाँदी की |चाँदी,रजत,चन्द्रलोह,महाशुभ,रूपक, शुभ्र, अदि नामो से इस धातु को जाना जाता है वेदकालीन युग से ही भारतीयों को रजत के सन्दर्भ में विशेष ज्ञान है आयुर्वेदिक सहिंता जैसे चरकसहिंता में तो रजत पात्र एवं चिकित्सा सम्बन्धी उपयोग लिखा है चांदी स्वास्थ्य के साथ साथ आपको धन सम्पदा देने में भी सक्षम है | यह एक ऐसी धातु है जो भारत में सर्वाधिक पहनी जाती है |भारत के किसी भी हिस्से में आप जायेंगे तो पाएंगे के सभी ग्रामीण क्षेत्रो में - स्त्रियों और पुरुषो द्वारा भी चाँदी अपने हाथ पैरों में धारण की जाती है अथवा इसके बने बर्तन तो कई सदियों से इस्तेमाल में आ रहे है  | हम किसी ग्रामीण से पूछे के चाँदी का उपयोग क्यों करते है - तो वो यही बता पाएंगे के - के हमारे रीति रिवाज में यह उपयोग की जाती है | किन्तु इसकी वैज्ञानिकता के पीछे हैं हमारे ऋषि, जिनकी खोज आज के विज्ञान से बहुत ऊँची थी | जिसका प्रमाण हमारे शास्त्रों में वेदों में मिलता ही मिलता है | ज्योतिष दृष्टिकोण १. शुक्र, चंद्र का प्रतिनिधित्व करती है | २. धन सम्पति देती है | ३. अकाल मृत्यु से बचती है| ४. ऊपरी हवा, गलत तंत्र क्रियाओं से बचने में सक्षम | ५. राहु, केतु व् शनि के दोषों को भी मिटाने में सक्षम | ६. गुरु गृह व बुध गृह को करे बलवान | ७. वाणी में माधुर्य आना | स्वस्थ्य दृष्टिकोण – १. डिप्रेशन से बचने की क्षमता | २. कफ की परेशानी को नियंत्रित करने की क्षमता | ३. आर्थराइटिस , जोड़ों के दर्द को मिटाने में सहायक | ४. वायरस, हवा में उड़ते रोगाणुओं से बचाने में सक्षम | ५. चमड़ी की चमक बनाये रखने की ताकत | ६. रक्त सचर को सामान्य रखने में सक्षम |  ७. शुक्र की वृद्धि करना, बल बढ़ाना, वीर्य बढ़ाना ८. पित्त रोग नाशक, ,शरीर की पुष्टि करना, महारोग से बचानाकदाचित इन्ही कारणों से - अमरीका के वाइट हाउस के कार्पेट में - चाँदी के बारीक तार लगे हैं, जिससे वहाँ बैठे सभी नेताओ का स्वास्थ्य सही रहे | आओ जानते हैं चाँदी के प्रकार – सहज चाँदी - हिमालय की तलहटी से धरती से प्राप्त होती है, जो की संसार की श्रेष्ठ चाँदी में आती हैं | खान से उत्पन्न चाँदी - आज की तारिख में सर्वाधित सुलभता से मिलने वाली यह चाँदी भी गुणवान है - किन्तु उसी अवस्था में जब यह शुद्ध हो | कृत्रिम चाँदी - रांगा, जस्ता व कुछ रासायनिक क्रियाओ से तैयार की जाती हैं - जो की आपके स्वस्थ्य को नुक्सान ही पहुँचती है जिसे नकली चाँदी भी कहा जा सकता है | आप अपने जीवन में चाँदी अवश्य उपयोग करे  I ध्यान देने योग्य यही बात है के चाँदी शुद्ध होनी चाहिए, अन्यथा कोई लाभ नहीं | इस लेख की काफी जानकारी आयुर्वेद ग्रन्थ से ली गयी हैं, जिसे लाखो वर्षो पहले लिखा जा चूका है | पढ़ कर गौरव हुआ हो तो उन ऋषियों को और कृष्णा को धन्यवाद देना न भूले, जिन्होंने आपको भारत में जन्म दिया है |Silver Utensils:-let’s talks about silver today - the origin of silver is believed to be from Shiva's eye. Where Rudraksha originated from the original 2 eyes of Shiva, the silver originated from the water of the third eye. This metal is known by the names Silver, Chandraloh, Mahasubha, Metaphor, Shubhra, etc. Since the Vedic era Indians have special knowledge about silver. In the Charak sahinta like Ayurvedic Sahinta, there is a silver vessel and medical related use.Silver is also capable of giving you wealth as well as health. It is a metal that is most commonly worn in India. If you go to any part of India, you will find that in all rural areas - silver is also worn by women and men in their hands and feet, or utensils made of it have been in use for many centuries.  If we ask a villager why they use silver - then he will be tell you that - it is used in there customs.But behind its scientific usage are our sage, whose discovery was much higher than today's science. The proof of which is found in the Vedas in our scriptures.  Astrological outlook:-1.Represents Venus and the Moon. 2.gives wealth. 3.Protect from unnatural death. 4. Able to protect  from negative energy.5. Able to lower the negative effects of Rahu, Ketu and Saturn. 6. Make Guru grah and Mercury grah strong.  7. Melody in speechHealthy approach -1. Ability to avoid depression2. Ability to control cough discomfort.3. Arthritis, helpful in eradicating joint pain.4. Able to protect viruses from airborne germs.5. Strength to keep the shine of the skin.6. Able to keep blood circulation normal.7.Increase strength and Increases Semen8. Helps in Bowel diseases, strengthen the body, protect from the diseaseProbably owing to these  reasons - the carpet of white house of America have- fine wires of silver, so that the health of all the leaders sitting there is protected. Let's know the types of silver1.Spontaneous silver - is obtained from the foothills of the Himalayas from the earth, which comes in the best silver in the world.2.Silver produced from the mine - This silver is also of great quality in today's date - but in the same condition if it is pure.3.Artificial silver - prepared with ranga, zinc and some chemical reactions - that only damages your health, which can also be called fake silver.You must use silver in your life. It is important to note that silver should be pure, otherwise there is no benefit.  Much information of this article has been taken from Ayurveda text, which has been written millions of years ago. If you are proud to read, then do not forget to thank those sages and Krishna, who gave birth to you in India.|| ॐ का झंडा ऊँचा रहे ||..

₹144,590 Ex Tax: ₹140,379

SMALL SILVER KATORI - छोटी चांदी कटोरी (22 gm)

|| जय चक्रधारी ||चाँदी बर्तन:- लो जी आज बात करते हैं चाँदी पर - शिव नेत्र से ही चाँदी की उत्पत्ति मानी गयी है | जहाँ शिव के मूल 2 नेत्रों से रुद्राक्ष उत्पन्न हुए हैं वही, तीसरे नेत्र के जल से उत्पत्ति हुई है चाँदी की |चाँदी,रजत,चन्द्रलोह,महाशुभ,रूपक, शुभ्र, अदि नामो से इस धातु को जाना जाता है वेदकालीन युग से ही भारतीयों को रजत के सन्दर्भ में विशेष ज्ञान है आयुर्वेदिक सहिंता जैसे चरकसहिंता में तो रजत पात्र एवं चिकित्सा सम्बन्धी उपयोग लिखा है चांदी स्वास्थ्य के साथ साथ आपको धन सम्पदा देने में भी सक्षम है | यह एक ऐसी धातु है जो भारत में सर्वाधिक पहनी जाती है |भारत के किसी भी हिस्से में आप जायेंगे तो पाएंगे के सभी ग्रामीण क्षेत्रो में - स्त्रियों और पुरुषो द्वारा भी चाँदी अपने हाथ पैरों में धारण की जाती है अथवा इसके बने बर्तन तो कई सदियों से इस्तेमाल में आ रहे है  | हम किसी ग्रामीण से पूछे के चाँदी का उपयोग क्यों करते है - तो वो यही बता पाएंगे के - के हमारे रीति रिवाज में यह उपयोग की जाती है | किन्तु इसकी वैज्ञानिकता के पीछे हैं हमारे ऋषि, जिनकी खोज आज के विज्ञान से बहुत ऊँची थी | जिसका प्रमाण हमारे शास्त्रों में वेदों में मिलता ही मिलता है | ज्योतिष दृष्टिकोण १. शुक्र, चंद्र का प्रतिनिधित्व करती है | २. धन सम्पति देती है | ३. अकाल मृत्यु से बचती है| ४. ऊपरी हवा, गलत तंत्र क्रियाओं से बचने में सक्षम | ५. राहु, केतु व् शनि के दोषों को भी मिटाने में सक्षम | ६. गुरु गृह व बुध गृह को करे बलवान | ७. वाणी में माधुर्य आना | स्वस्थ्य दृष्टिकोण – १. डिप्रेशन से बचने की क्षमता | २. कफ की परेशानी को नियंत्रित करने की क्षमता | ३. आर्थराइटिस , जोड़ों के दर्द को मिटाने में सहायक | ४. वायरस, हवा में उड़ते रोगाणुओं से बचाने में सक्षम | ५. चमड़ी की चमक बनाये रखने की ताकत | ६. रक्त सचर को सामान्य रखने में सक्षम |  ७. शुक्र की वृद्धि करना, बल बढ़ाना, वीर्य बढ़ाना ८. पित्त रोग नाशक, ,शरीर की पुष्टि करना, महारोग से बचानाकदाचित इन्ही कारणों से - अमरीका के वाइट हाउस के कार्पेट में - चाँदी के बारीक तार लगे हैं, जिससे वहाँ बैठे सभी नेताओ का स्वास्थ्य सही रहे | आओ जानते हैं चाँदी के प्रकार – सहज चाँदी - हिमालय की तलहटी से धरती से प्राप्त होती है, जो की संसार की श्रेष्ठ चाँदी में आती हैं | खान से उत्पन्न चाँदी - आज की तारिख में सर्वाधित सुलभता से मिलने वाली यह चाँदी भी गुणवान है - किन्तु उसी अवस्था में जब यह शुद्ध हो | कृत्रिम चाँदी - रांगा, जस्ता व कुछ रासायनिक क्रियाओ से तैयार की जाती हैं - जो की आपके स्वस्थ्य को नुक्सान ही पहुँचती है जिसे नकली चाँदी भी कहा जा सकता है | आप अपने जीवन में चाँदी अवश्य उपयोग करे  I ध्यान देने योग्य यही बात है के चाँदी शुद्ध होनी चाहिए, अन्यथा कोई लाभ नहीं | इस लेख की काफी जानकारी आयुर्वेद ग्रन्थ से ली गयी हैं, जिसे लाखो वर्षो पहले लिखा जा चूका है | पढ़ कर गौरव हुआ हो तो उन ऋषियों को और कृष्णा को धन्यवाद देना न भूले, जिन्होंने आपको भारत में जन्म दिया है |Silver Utensils:-let’s talks about silver today - the origin of silver is believed to be from Shiva's eye. Where Rudraksha originated from the original 2 eyes of Shiva, the silver originated from the water of the third eye. This metal is known by the names Silver, Chandraloh, Mahasubha, Metaphor, Shubhra, etc. Since the Vedic era Indians have special knowledge about silver. In the Charak sahinta like Ayurvedic Sahinta, there is a silver vessel and medical related use.Silver is also capable of giving you wealth as well as health. It is a metal that is most commonly worn in India. If you go to any part of India, you will find that in all rural areas - silver is also worn by women and men in their hands and feet, or utensils made of it have been in use for many centuries.  If we ask a villager why they use silver - then he will be tell you that - it is used in there customs.But behind its scientific usage are our sage, whose discovery was much higher than today's science. The proof of which is found in the Vedas in our scriptures.  Astrological outlook:-1.Represents Venus and the Moon. 2.gives wealth. 3.Protect from unnatural death. 4. Able to protect  from negative energy.5. Able to lower the negative effects of Rahu, Ketu and Saturn. 6. Make Guru grah and Mercury grah strong.  7. Melody in speechHealthy approach -1. Ability to avoid depression2. Ability to control cough discomfort.3. Arthritis, helpful in eradicating joint pain.4. Able to protect viruses from airborne germs.5. Strength to keep the shine of the skin.6. Able to keep blood circulation normal.7.Increase strength and Increases Semen8. Helps in Bowel diseases, strengthen the body, protect from the diseaseProbably owing to these  reasons - the carpet of white house of America have- fine wires of silver, so that the health of all the leaders sitting there is protected. Let's know the types of silver1.Spontaneous silver - is obtained from the foothills of the Himalayas from the earth, which comes in the best silver in the world.2.Silver produced from the mine - This silver is also of great quality in today's date - but in the same condition if it is pure.3.Artificial silver - prepared with ranga, zinc and some chemical reactions - that only damages your health, which can also be called fake silver.You must use silver in your life. It is important to note that silver should be pure, otherwise there is no benefit.  Much information of this article has been taken from Ayurveda text, which has been written millions of years ago. If you are proud to read, then do not forget to thank those sages and Krishna, who gave birth to you in India.|| ॐ का झंडा ऊँचा रहे ||..

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