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METAL ARTIFACTS - धातु शिल्पकृति

HAWAN KUND WITH STAND - हवन कुंड स्टैंड सहित

|| जय चक्रधारी || हवन :-शास्त्रों में बताए गए नियमों के अनुसार यज्ञ और हवन दैनिक किए जाने चाहिए।हवन और यज्ञ के दौरान जिन मंत्रों का पाठ किया जाता है, वे हमारे जीवन, कल्याण और संकायों की अध्यक्षता करने वाले दिव्य प्राणियों की आराधना के शक्तिशाली मंत्र हैं।वे स्वास्थ्य, लंबे जीवन और आध्यात्मिक भलाई सुनिश्चित करते हैं। हवन इस प्रकार एक वरदान है।प्राचीन ऋषि अंध विश्वासिस  नहीं थे अपितु ऐसे ही हवन और धार्मिक अनुष्ठान करा करते थे।हवन करते समय व्यक्ति की जो भी इच्छा होती है वह इच्छा पूरी हो जाती है।Hawan :-Yajna and havan should be performed strictly according to the rules laid down in the scriptures.The mantras recited during havan and yajna are powerful chants in adoration of the divine beings who preside over our life, welfare and faculties.They ensure health, long life and spiritual wellbeing. The havan is thus a blessing and boon.The ancient rishis were not blind believers in rituals.Whatever desire a person has when doing the havan that desire is fulfilled.|| ॐ का झंडा ऊँचा रहे || ..

₹5,500 Ex Tax: ₹4,661

IMARTI SILVER PAYAL (120 gm) -इमरती चांदी पायल ( 120 gm ) - 1 SET

|| जय चक्रधारी ||चाँदी पायल:-  पुनः आज बात करेंगे बहुत कमाल की चीज जो कि 16 श्रृंगार में महत्वपूर्ण रूप से जानी जाती है - पायल | पायल भारत देश में प्रत्येक स्त्री अपने पैर में धारण करती है | क्योंकि मान्यता यह है और वैज्ञानिक कारण भी यह है पैरों में ही पायल सर्वाधिक काम करती है सर्वाधिक कारगर होती है | इसका मूल कारण है - की यह एक प्रकार के इंस्ट्रूमेंट की भाँती काम करती है, जमीन से जितनी आवश्यक ठंडक शरीर को चाहिए कि वह धारण करता को प्रदान करती है | घर का सारा बोझ एक घर की स्त्री पर होता है, प्रत्येक घर के सदस्य को संभालती है इसलिए उनका स्वस्थ रहना बहुत आवश्यक है, और संभवतः इसीलिए पायल अति आवश्यक इंस्ट्रूमेंट उनके लिए साबित होता है | अब बात आती है कि कैसी पायल पहनी जाए ? तो शर्त इसमें केवल इतनी है कि पायल की शुद्धता 99% तो होनी ही चाहिए| तब वह काम करने में सक्षम हो जाती है | वर्तमान में भारत में यदि हम सब एक होकर घर की स्त्री को ऐसे यन्त्र पहनाएंगे तो प्रत्येक घर की स्त्री स्वस्थ रहेगी | यह भारत देश है जहां हमारे ऋषि वैज्ञानिकों ने एक से बढ़कर एक मनुष्य जाति को उत्तम स्वास्थय रखने के लिए विभिन्न प्रकार के उपायों का संयोजन किया है और उनका व्यावहारिक रूप में पालन करवाकर आस्था से धर्म से जोड़कर उसको प्रस्तुत किया है, और इनके कारण बहुत गहरे है, यह कान्वेंट कभी नहीं सीखा सकता बच्चो को स्कूलों में | आप भी आनंद लीजिए भारत की इस दमदार संस्कृति का ||| ॐ का झंडा ऊँचा रहे || ..

₹11,400 Ex Tax: ₹11,068

KAMARBANDH - कमरबंध-1 (300 gm)

|| जय चक्रधारी ||चाँदी कमरबंध:- लो जी आज बात करते हैं चाँदी पर - शिव नेत्र से ही चाँदी की उत्पत्ति मानी गयी है | जहाँ शिव के मूल 2 नेत्रों से रुद्राक्ष उत्पन्न हुए हैं वही, तीसरे नेत्र के जल से उत्पत्ति हुई है चाँदी की |चाँदी,रजत,चन्द्रलोह,महाशुभ,रूपक, शुभ्र, अदि नामो से इस धातु को जाना जाता है वेदकालीन युग से ही भारतीयों को रजत के सन्दर्भ में विशेष ज्ञान है आयुर्वेदिक सहिंता जैसे चरकसहिंता में तो रजत पात्र एवं चिकित्सा सम्बन्धी उपयोग लिखा है चांदी स्वास्थ्य के साथ साथ आपको धन सम्पदा देने में भी सक्षम है | यह एक ऐसी धातु है जो भारत में सर्वाधिक पहनी जाती है |भारत के किसी भी हिस्से में आप जायेंगे तो पाएंगे के सभी ग्रामीण क्षेत्रो में - स्त्रियों और पुरुषो द्वारा भी चाँदी अपने हाथ पैरों में धारण की जाती है अथवा इसके बने बर्तन तो कई सदियों से इस्तेमाल में आ रहे है  | हम किसी ग्रामीण से पूछे के चाँदी का उपयोग क्यों करते है - तो वो यही बता पाएंगे के - के हमारे रीति रिवाज में यह उपयोग की जाती है | किन्तु इसकी वैज्ञानिकता के पीछे हैं हमारे ऋषि, जिनकी खोज आज के विज्ञान से बहुत ऊँची थी | जिसका प्रमाण हमारे शास्त्रों में वेदों में मिलता ही मिलता है | ज्योतिष दृष्टिकोण १. शुक्र, चंद्र का प्रतिनिधित्व करती है | २. धन सम्पति देती है | ३. अकाल मृत्यु से बचती है| ४. ऊपरी हवा, गलत तंत्र क्रियाओं से बचने में सक्षम | ५. राहु, केतु व् शनि के दोषों को भी मिटाने में सक्षम | ६. गुरु गृह व बुध गृह को करे बलवान | ७. वाणी में माधुर्य आना | स्वस्थ्य दृष्टिकोण – १. डिप्रेशन से बचने की क्षमता | २. कफ की परेशानी को नियंत्रित करने की क्षमता | ३. आर्थराइटिस , जोड़ों के दर्द को मिटाने में सहायक | ४. वायरस, हवा में उड़ते रोगाणुओं से बचाने में सक्षम | ५. चमड़ी की चमक बनाये रखने की ताकत | ६. रक्त सचर को सामान्य रखने में सक्षम |  ७. शुक्र की वृद्धि करना, बल बढ़ाना, वीर्य बढ़ाना ८. पित्त रोग नाशक, ,शरीर की पुष्टि करना, महारोग से बचानाकदाचित इन्ही कारणों से - अमरीका के वाइट हाउस के कार्पेट में - चाँदी के बारीक तार लगे हैं, जिससे वहाँ बैठे सभी नेताओ का स्वास्थ्य सही रहे | आओ जानते हैं चाँदी के प्रकार – सहज चाँदी - हिमालय की तलहटी से धरती से प्राप्त होती है, जो की संसार की श्रेष्ठ चाँदी में आती हैं | खान से उत्पन्न चाँदी - आज की तारिख में सर्वाधित सुलभता से मिलने वाली यह चाँदी भी गुणवान है - किन्तु उसी अवस्था में जब यह शुद्ध हो | कृत्रिम चाँदी - रांगा, जस्ता व कुछ रासायनिक क्रियाओ से तैयार की जाती हैं - जो की आपके स्वस्थ्य को नुक्सान ही पहुँचती है जिसे नकली चाँदी भी कहा जा सकता है | आप अपने जीवन में चाँदी अवश्य उपयोग करे  I ध्यान देने योग्य यही बात है के चाँदी शुद्ध होनी चाहिए, अन्यथा कोई लाभ नहीं | इस लेख की काफी जानकारी आयुर्वेद ग्रन्थ से ली गयी हैं, जिसे लाखो वर्षो पहले लिखा जा चूका है | पढ़ कर गौरव हुआ हो तो उन ऋषियों को और कृष्णा को धन्यवाद देना न भूले, जिन्होंने आपको भारत में जन्म दिया है |Silver KAMARBANDH:-let’s talks about silver today - the origin of silver is believed to be from Shiva's eye. Where Rudraksha originated from the original 2 eyes of Shiva, the silver originated from the water of the third eye. This metal is known by the names Silver, Chandraloh, Mahasubha, Metaphor, Shubhra, etc. Since the Vedic era Indians have special knowledge about silver. In the Charak sahinta like Ayurvedic Sahinta, there is a silver vessel and medical related use.Silver is also capable of giving you wealth as well as health. It is a metal that is most commonly worn in India. If you go to any part of India, you will find that in all rural areas - silver is also worn by women and men in their hands and feet, or utensils made of it have been in use for many centuries.  If we ask a villager why they use silver - then he will be tell you that - it is used in there customs.But behind its scientific usage are our sage, whose discovery was much higher than today's science. The proof of which is found in the Vedas in our scriptures.  Astrological outlook:-1.Represents Venus and the Moon. 2.gives wealth. 3.Protect from unnatural death. 4. Able to protect  from negative energy.5. Able to lower the negative effects of Rahu, Ketu and Saturn. 6. Make Guru grah and Mercury grah strong.  7. Melody in speechHealthy approach -1. Ability to avoid depression2. Ability to control cough discomfort.3. Arthritis, helpful in eradicating joint pain.4. Able to protect viruses from airborne germs.5. Strength to keep the shine of the skin.6. Able to keep blood circulation normal.7.Increase strength and Increases Semen8. Helps in Bowel diseases, strengthen the body, protect from the diseaseProbably owing to these  reasons - the carpet of white house of America have- fine wires of silver, so that the health of all the leaders sitting there is protected. Let's know the types of silver1.Spontaneous silver - is obtained from the foothills of the Himalayas from the earth, which comes in the best silver in the world.2.Silver produced from the mine - This silver is also of great quality in today's date - but in the same condition if it is pure.3.Artificial silver - prepared with ranga, zinc and some chemical reactions - that only damages your health, which can also be called fake silver.You must use silver in your life. It is important to note that silver should be pure, otherwise there is no benefit.  Much information of this article has been taken from Ayurveda text, which has been written millions of years ago. If you are proud to read, then do not forget to thank those sages and Krishna, who gave birth to you in India.|| ॐ का झंडा ऊँचा रहे ||..

₹27,000 Ex Tax: ₹26,214

KAMARBANDH - कमरबंध-2 (300 gm)

|| जय चक्रधारी ||चाँदी कमरबंध:- लो जी आज बात करते हैं चाँदी पर - शिव नेत्र से ही चाँदी की उत्पत्ति मानी गयी है | जहाँ शिव के मूल 2 नेत्रों से रुद्राक्ष उत्पन्न हुए हैं वही, तीसरे नेत्र के जल से उत्पत्ति हुई है चाँदी की |चाँदी,रजत,चन्द्रलोह,महाशुभ,रूपक, शुभ्र, अदि नामो से इस धातु को जाना जाता है वेदकालीन युग से ही भारतीयों को रजत के सन्दर्भ में विशेष ज्ञान है आयुर्वेदिक सहिंता जैसे चरकसहिंता में तो रजत पात्र एवं चिकित्सा सम्बन्धी उपयोग लिखा है चांदी स्वास्थ्य के साथ साथ आपको धन सम्पदा देने में भी सक्षम है | यह एक ऐसी धातु है जो भारत में सर्वाधिक पहनी जाती है |भारत के किसी भी हिस्से में आप जायेंगे तो पाएंगे के सभी ग्रामीण क्षेत्रो में - स्त्रियों और पुरुषो द्वारा भी चाँदी अपने हाथ पैरों में धारण की जाती है अथवा इसके बने बर्तन तो कई सदियों से इस्तेमाल में आ रहे है  | हम किसी ग्रामीण से पूछे के चाँदी का उपयोग क्यों करते है - तो वो यही बता पाएंगे के - के हमारे रीति रिवाज में यह उपयोग की जाती है | किन्तु इसकी वैज्ञानिकता के पीछे हैं हमारे ऋषि, जिनकी खोज आज के विज्ञान से बहुत ऊँची थी | जिसका प्रमाण हमारे शास्त्रों में वेदों में मिलता ही मिलता है | ज्योतिष दृष्टिकोण १. शुक्र, चंद्र का प्रतिनिधित्व करती है | २. धन सम्पति देती है | ३. अकाल मृत्यु से बचती है| ४. ऊपरी हवा, गलत तंत्र क्रियाओं से बचने में सक्षम | ५. राहु, केतु व् शनि के दोषों को भी मिटाने में सक्षम | ६. गुरु गृह व बुध गृह को करे बलवान | ७. वाणी में माधुर्य आना | स्वस्थ्य दृष्टिकोण – १. डिप्रेशन से बचने की क्षमता | २. कफ की परेशानी को नियंत्रित करने की क्षमता | ३. आर्थराइटिस , जोड़ों के दर्द को मिटाने में सहायक | ४. वायरस, हवा में उड़ते रोगाणुओं से बचाने में सक्षम | ५. चमड़ी की चमक बनाये रखने की ताकत | ६. रक्त सचर को सामान्य रखने में सक्षम |  ७. शुक्र की वृद्धि करना, बल बढ़ाना, वीर्य बढ़ाना ८. पित्त रोग नाशक, ,शरीर की पुष्टि करना, महारोग से बचानाकदाचित इन्ही कारणों से - अमरीका के वाइट हाउस के कार्पेट में - चाँदी के बारीक तार लगे हैं, जिससे वहाँ बैठे सभी नेताओ का स्वास्थ्य सही रहे | आओ जानते हैं चाँदी के प्रकार – सहज चाँदी - हिमालय की तलहटी से धरती से प्राप्त होती है, जो की संसार की श्रेष्ठ चाँदी में आती हैं | खान से उत्पन्न चाँदी - आज की तारिख में सर्वाधित सुलभता से मिलने वाली यह चाँदी भी गुणवान है - किन्तु उसी अवस्था में जब यह शुद्ध हो | कृत्रिम चाँदी - रांगा, जस्ता व कुछ रासायनिक क्रियाओ से तैयार की जाती हैं - जो की आपके स्वस्थ्य को नुक्सान ही पहुँचती है जिसे नकली चाँदी भी कहा जा सकता है | आप अपने जीवन में चाँदी अवश्य उपयोग करे  I ध्यान देने योग्य यही बात है के चाँदी शुद्ध होनी चाहिए, अन्यथा कोई लाभ नहीं | इस लेख की काफी जानकारी आयुर्वेद ग्रन्थ से ली गयी हैं, जिसे लाखो वर्षो पहले लिखा जा चूका है | पढ़ कर गौरव हुआ हो तो उन ऋषियों को और कृष्णा को धन्यवाद देना न भूले, जिन्होंने आपको भारत में जन्म दिया है |Silver KAMARBANDH:-let’s talks about silver today - the origin of silver is believed to be from Shiva's eye. Where Rudraksha originated from the original 2 eyes of Shiva, the silver originated from the water of the third eye. This metal is known by the names Silver, Chandraloh, Mahasubha, Metaphor, Shubhra, etc. Since the Vedic era Indians have special knowledge about silver. In the Charak sahinta like Ayurvedic Sahinta, there is a silver vessel and medical related use.Silver is also capable of giving you wealth as well as health. It is a metal that is most commonly worn in India. If you go to any part of India, you will find that in all rural areas - silver is also worn by women and men in their hands and feet, or utensils made of it have been in use for many centuries.  If we ask a villager why they use silver - then he will be tell you that - it is used in there customs.But behind its scientific usage are our sage, whose discovery was much higher than today's science. The proof of which is found in the Vedas in our scriptures.  Astrological outlook:-1.Represents Venus and the Moon. 2.gives wealth. 3.Protect from unnatural death. 4. Able to protect  from negative energy.5. Able to lower the negative effects of Rahu, Ketu and Saturn. 6. Make Guru grah and Mercury grah strong.  7. Melody in speechHealthy approach -1. Ability to avoid depression2. Ability to control cough discomfort.3. Arthritis, helpful in eradicating joint pain.4. Able to protect viruses from airborne germs.5. Strength to keep the shine of the skin.6. Able to keep blood circulation normal.7.Increase strength and Increases Semen8. Helps in Bowel diseases, strengthen the body, protect from the diseaseProbably owing to these  reasons - the carpet of white house of America have- fine wires of silver, so that the health of all the leaders sitting there is protected. Let's know the types of silver1.Spontaneous silver - is obtained from the foothills of the Himalayas from the earth, which comes in the best silver in the world.2.Silver produced from the mine - This silver is also of great quality in today's date - but in the same condition if it is pure.3.Artificial silver - prepared with ranga, zinc and some chemical reactions - that only damages your health, which can also be called fake silver.You must use silver in your life. It is important to note that silver should be pure, otherwise there is no benefit.  Much information of this article has been taken from Ayurveda text, which has been written millions of years ago. If you are proud to read, then do not forget to thank those sages and Krishna, who gave birth to you in India.|| ॐ का झंडा ऊँचा रहे ||..

₹27,000 Ex Tax: ₹26,214

SILVER 1 gm COIN (11 piece) -1 gm चांदी सिक्के (11 piece)

|| जय चक्रधारी ||चाँदी सिक्के:- लो जी आज बात करते हैं चाँदी पर - शिव नेत्र से ही चाँदी की उत्पत्ति मानी गयी है | जहाँ शिव के मूल 2 नेत्रों से रुद्राक्ष उत्पन्न हुए हैं वही, तीसरे नेत्र के जल से उत्पत्ति हुई है चाँदी की |चाँदी,रजत,चन्द्रलोह,महाशुभ,रूपक, शुभ्र, अदि नामो से इस धातु को जाना जाता है वेदकालीन युग से ही भारतीयों को रजत के सन्दर्भ में विशेष ज्ञान है आयुर्वेदिक सहिंता जैसे चरकसहिंता में तो रजत पात्र एवं चिकित्सा सम्बन्धी उपयोग लिखा है चांदी स्वास्थ्य के साथ साथ आपको धन सम्पदा देने में भी सक्षम है | यह एक ऐसी धातु है जो भारत में सर्वाधिक पहनी जाती है |भारत के किसी भी हिस्से में आप जायेंगे तो पाएंगे के सभी ग्रामीण क्षेत्रो में - स्त्रियों और पुरुषो द्वारा भी चाँदी अपने हाथ पैरों में धारण की जाती है अथवा इसके बने बर्तन तो कई सदियों से इस्तेमाल में आ रहे है  | हम किसी ग्रामीण से पूछे के चाँदी का उपयोग क्यों करते है - तो वो यही बता पाएंगे के - के हमारे रीति रिवाज में यह उपयोग की जाती है | किन्तु इसकी वैज्ञानिकता के पीछे हैं हमारे ऋषि, जिनकी खोज आज के विज्ञान से बहुत ऊँची थी | जिसका प्रमाण हमारे शास्त्रों में वेदों में मिलता ही मिलता है | ज्योतिष दृष्टिकोण १. शुक्र, चंद्र का प्रतिनिधित्व करती है | २. धन सम्पति देती है | ३. अकाल मृत्यु से बचती है| ४. ऊपरी हवा, गलत तंत्र क्रियाओं से बचने में सक्षम | ५. राहु, केतु व् शनि के दोषों को भी मिटाने में सक्षम | ६. गुरु गृह व बुध गृह को करे बलवान | ७. वाणी में माधुर्य आना | स्वस्थ्य दृष्टिकोण – १. डिप्रेशन से बचने की क्षमता | २. कफ की परेशानी को नियंत्रित करने की क्षमता | ३. आर्थराइटिस , जोड़ों के दर्द को मिटाने में सहायक | ४. वायरस, हवा में उड़ते रोगाणुओं से बचाने में सक्षम | ५. चमड़ी की चमक बनाये रखने की ताकत | ६. रक्त सचर को सामान्य रखने में सक्षम |  ७. शुक्र की वृद्धि करना, बल बढ़ाना, वीर्य बढ़ाना ८. पित्त रोग नाशक, ,शरीर की पुष्टि करना, महारोग से बचानाकदाचित इन्ही कारणों से - अमरीका के वाइट हाउस के कार्पेट में - चाँदी के बारीक तार लगे हैं, जिससे वहाँ बैठे सभी नेताओ का स्वास्थ्य सही रहे | आओ जानते हैं चाँदी के प्रकार – सहज चाँदी - हिमालय की तलहटी से धरती से प्राप्त होती है, जो की संसार की श्रेष्ठ चाँदी में आती हैं | खान से उत्पन्न चाँदी - आज की तारिख में सर्वाधित सुलभता से मिलने वाली यह चाँदी भी गुणवान है - किन्तु उसी अवस्था में जब यह शुद्ध हो | कृत्रिम चाँदी - रांगा, जस्ता व कुछ रासायनिक क्रियाओ से तैयार की जाती हैं - जो की आपके स्वस्थ्य को नुक्सान ही पहुँचती है जिसे नकली चाँदी भी कहा जा सकता है | आप अपने जीवन में चाँदी अवश्य उपयोग करे  I ध्यान देने योग्य यही बात है के चाँदी शुद्ध होनी चाहिए, अन्यथा कोई लाभ नहीं | इस लेख की काफी जानकारी आयुर्वेद ग्रन्थ से ली गयी हैं, जिसे लाखो वर्षो पहले लिखा जा चूका है | पढ़ कर गौरव हुआ हो तो उन ऋषियों को और कृष्णा को धन्यवाद देना न भूले, जिन्होंने आपको भारत में जन्म दिया है |Silver coin:-let’s talks about silver today - the origin of silver is believed to be from Shiva's eye. Where Rudraksha originated from the original 2 eyes of Shiva, the silver originated from the water of the third eye. This metal is known by the names Silver, Chandraloh, Mahasubha, Metaphor, Shubhra, etc. Since the Vedic era Indians have special knowledge about silver. In the Charak sahinta like Ayurvedic Sahinta, there is a silver vessel and medical related use.Silver is also capable of giving you wealth as well as health. It is a metal that is most commonly worn in India. If you go to any part of India, you will find that in all rural areas - silver is also worn by women and men in their hands and feet, or utensils made of it have been in use for many centuries.  If we ask a villager why they use silver - then he will be tell you that - it is used in there customs.But behind its scientific usage are our sage, whose discovery was much higher than today's science. The proof of which is found in the Vedas in our scriptures.  Astrological outlook:-1.Represents Venus and the Moon. 2.gives wealth. 3.Protect from unnatural death. 4. Able to protect  from negative energy.5. Able to lower the negative effects of Rahu, Ketu and Saturn. 6. Make Guru grah and Mercury grah strong.  7. Melody in speechHealthy approach -1. Ability to avoid depression2. Ability to control cough discomfort.3. Arthritis, helpful in eradicating joint pain.4. Able to protect viruses from airborne germs.5. Strength to keep the shine of the skin.6. Able to keep blood circulation normal.7.Increase strength and Increases Semen8. Helps in Bowel diseases, strengthen the body, protect from the diseaseProbably owing to reasons - the carpet of white house of America have- fine wires of silver, so that the health of all the leaders sitting there is protected. Let's know the types of silver1.Spontaneous silver - is obtained from the foothills of the Himalayas from the earth, which comes in the best silver in the world.2.Silver produced from the mine - This silver is also of great quality in today's date - but in the same condition if it is pure.3.Artificial silver - prepared with ranga, zinc and some chemical reactions - that only damages your health, which can also be called fake silver.You must use silver in your life. It is important to note that silver should be pure, otherwise there is no benefit.  Much information of this article has been taken from Ayurveda text, which has been written millions of years ago. If you are proud to read, then do not forget to thank those sages and Krishna, who gave birth to you in India.|| ॐ का झंडा ऊँचा रहे || ..

₹1,500 Ex Tax: ₹1,456

SILVER DIYA - चांदी दीया

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₹2,860 Ex Tax: ₹2,777

SILVER ELEPHANT(1 piece) - चांदी हाथी (1 piece)

|| जय चक्रधारी ||चाँदी हाथी:- लो जी आज बात करते हैं चाँदी पर - शिव नेत्र से ही चाँदी की उत्पत्ति मानी गयी है | जहाँ शिव के मूल 2 नेत्रों से रुद्राक्ष उत्पन्न हुए हैं वही, तीसरे नेत्र के जल से उत्पत्ति हुई है चाँदी की |चाँदी,रजत,चन्द्रलोह,महाशुभ,रूपक, शुभ्र, अदि नामो से इस धातु को जाना जाता है वेदकालीन युग से ही भारतीयों को रजत के सन्दर्भ में विशेष ज्ञान है भारत के किसी भी हिस्से में आप जायेंगे तो पाएंगे के सभी ग्रामीण क्षेत्रो में - स्त्रियों और पुरुषो द्वारा भी चाँदी अपने हाथ पैरों में धारण की जाती है अथवा इसके बने बर्तन तो कई सदियों से इस्तेमाल में आ रहे है  |धन पाने के लिए या धनवान बनने के लिए वास्तु शास्त्र में कई सारे उपाय बताए गए है। इन उपायों को अपनाकर सफलता में आ रही रूकावटे खत्म हो सकती है।हिन्दू धर्म में हाथी को एक पवित्र माना जाता है। क्योंकि इसे भगवान श्रीगणेश का प्रतीक माना जाता है। आज हम बताने जा रहे हैं चांदी के हाथी से जुड़ी ऐसी कुछ टिप्स, जिनको अपनाने से मनुष्य के दुर्भाग्य सौभाग्य में बदल सकता है और धन लाभ के योग बन सकते हैं।1. चांदी से बना हाथी वास्तु शास्त्र के अनुसार बेहद शुभ माना जाता है। वास्तु अनुसार चांदी औ हाथी दोनों ही नेगेटेविटी को खत्म करके पॉजिटिविटी बढ़ाने में मदद करते हैं।2. चांदी से बना हाथी यदि घर या ऑफिस में रखा जाए तो सभी दोषों का नाश होता है, जिससे घर में सकारात्मकता बढ़ती है और घर-परिवार पर देवी लक्ष्मी की कृपा बनती है।3. घर या दुकान की टेबल के अलावा चांदी का हाथी वहां की तिजोरी या गल्ले में रखना भी काफी शुभ होता है। चांदी के हाथी को लाल रंग के कपड़े में बांधकर रखने से शुभ फल मिलते हैं।4. यदि पति-पत्नी के कमरे में चांदी के हाथी का जोड़ा रखा जाए तो ये धन लाभ के साथ-साथ प्यार और अपनेपन भी बढ़ाता है। चांदी के हाथी जोड़े को कमरे की उत्तर दिशा में रखना चाहिए।कदाचित इन्ही कारणों से - अमरीका के वाइट हाउस के कार्पेट में - चाँदी के बारीक तार लगे हैं, जिससे वहाँ बैठे सभी नेताओ का स्वास्थ्य सही रहे | आओ जानते हैं चाँदी के प्रकार – सहज चाँदी - हिमालय की तलहटी से धरती से प्राप्त होती है, जो की संसार की श्रेष्ठ चाँदी में आती हैं | खान से उत्पन्न चाँदी - आज की तारिख में सर्वाधित सुलभता से मिलने वाली यह चाँदी भी गुणवान है - किन्तु उसी अवस्था में जब यह शुद्ध हो | कृत्रिम चाँदी - रांगा, जस्ता व कुछ रासायनिक क्रियाओ से तैयार की जाती हैं - जो की आपके स्वस्थ्य को नुक्सान ही पहुँचती है जिसे नकली चाँदी भी कहा जा सकता है | आप अपने जीवन में चाँदी अवश्य उपयोग करे  I ध्यान देने योग्य यही बात है के चाँदी शुद्ध होनी चाहिए, अन्यथा कोई लाभ नहीं |Silver Elephant:-let’s talks about silver today - the origin of silver is believed to be from Shiva's eye. Where Rudraksha originated from the original 2 eyes of Shiva, the silver originated from the water of the third eye. This metal is known by the names Silver, Chandraloh, Mahasubha, Metaphor, Shubhra, etc. Since the Vedic era Indians have special knowledge about silver. In the Charak sahinta like Ayurvedic Sahinta, there is a silver vessel and medical related use.Silver is also capable of giving you wealth as well as health. It is a metal that is most commonly worn in India.There are many ways in Vastu Shastra to get wealth or to become rich. By adopting these measures, the hindrance to success may be over. The elephant is considered sacred in Hinduism. Because it is considered a symbol of Lord Shree Ganesh. Today we are going to tell you some such tips related to silver elephant, which if adopted, can turn a person's bad luck into good luck and the person can get wealth.1. According to Vastu Shastra, an elephant made of silver is considered very auspicious. According to Vastu, both silver and elephant help to increase positivity by eliminating negativity.2. If an elephant made of silver is kept in the house or office, then all the defects are destroyed, which increases the positivity in the house and blesses of Goddess Lakshmi showers on the family3. Apart from the table of the house or shop, it is also very auspicious to keep a silver elephant in the vault. Tie a silver elephant in a red cloth and get auspicious results.4. If a pair of silver elephant is kept in the room of husband and wife, then it increases love and belongingness along with money benefits. The silver elephant couple should be placed in the north direction of the room.Probably owing to reasons - the carpet of white house of America have- fine wires of silver, so that the health of all the leaders sitting there is protected. Let's know the types of silver1.Spontaneous silver - is obtained from the foothills of the Himalayas from the earth, which comes in the best silver in the world.2.Silver produced from the mine - This silver is also of great quality in today's date - but in the same condition if it is pure.3.Artificial silver - prepared with ranga, zinc and some chemical reactions - that only damages your health, which can also be called fake silver.You must use silver in your life. It is important to note that silver should be pure, otherwise there is no benefit.  || ॐ का झंडा ऊँचा रहे || ..

₹1,520 Ex Tax: ₹1,476

SILVER KAJAL APPLIER (1 PIECE) - चाँदी काजल लग्गी (1 नग )

|| जय चक्रधारी ||चाँदी काजल लग्गी:- लो जी आज बात करते हैं चाँदी पर - शिव नेत्र से ही चाँदी की उत्पत्ति मानी गयी है | जहाँ शिव के मूल 2 नेत्रों से रुद्राक्ष उत्पन्न हुए हैं वही, तीसरे नेत्र के जल से उत्पत्ति हुई है चाँदी की |चाँदी,रजत,चन्द्रलोह,महाशुभ,रूपक, शुभ्र, अदि नामो से इस धातु को जाना जाता हैवेदकालीन युग से ही भारतीयों को रजत के सन्दर्भ में विशेष ज्ञान हैआयुर्वेदिक सहिंता जैसे चरकसहिंता में तो रजत पात्र एवं चिकित्सा सम्बन्धी उपयोग लिखा है चांदी स्वास्थ्य के साथ साथ आपको धन सम्पदा देने में भी सक्षम है | यह एक ऐसी धातु है जो भारत में सर्वाधिक पहनी जाती है |भारत के किसी भी हिस्से में आप जायेंगे तो पाएंगे के सभी ग्रामीण क्षेत्रो में - स्त्रियों और पुरुषो द्वारा भी चाँदी अपने हाथ पैरों में धारण की जाती है अथवा इसके बने बर्तन तो कई सदियों से इस्तेमाल में आ रहे है  | हम किसी ग्रामीण से पूछे के चाँदी का उपयोग क्यों करते है - तो वो यही बता पाएंगे के - के हमारे रीति रिवाज में यह उपयोग की जाती है |किन्तु इसकी वैज्ञानिकता के पीछे हैं हमारे ऋषि, जिनकी खोज आज के विज्ञान से बहुत ऊँची थी | जिसका प्रमाण हमारे शास्त्रों में वेदों में मिलता ही मिलता है | ज्योतिष दृष्टिकोण:-१. शुक्र, चंद्र का प्रतिनिधित्व करती है |२. धन सम्पति देती है |३. अकाल मृत्यु से बचती है|४. ऊपरी हवा, गलत तंत्र क्रियाओं से बचने में सक्षम |५. राहु, केतु व् शनि के दोषों को भी मिटाने में सक्षम |६. गुरु गृह व बुध गृह को करे बलवान | ७. वाणी में माधुर्य आना |स्वस्थ्य दृष्टिकोण –१. डिप्रेशन से बचने की क्षमता |२. कफ की परेशानी को नियंत्रित करने की क्षमता |३. आर्थराइटिस , जोड़ों के दर्द को मिटाने में सहायक |४. वायरस, हवा में उड़ते रोगाणुओं से बचाने में सक्षम |५. चमड़ी की चमक बनाये रखने की ताकत |६. रक्त सचर को सामान्य रखने में सक्षम |७. शुक्र की वृद्धि करना, बल बढ़ाना, वीर्य बढ़ाना८. पित्त रोग नाशक, ,शरीर की पुष्टि करना, महारोग से बचानाकदाचित इन्ही कारणों से - अमरीका के वाइट हाउस के कार्पेट में - चाँदी के बारीक तार लगे हैं, जिससे वहाँ बैठे सभी नेताओ का स्वास्थ्य सही रहे |आओ जानते हैं चाँदी के प्रकार –सहज चाँदी - हिमालय की तलहटी से धरती से प्राप्त होती है, जो की संसार की श्रेष्ठ चाँदी में आती हैं |खान से उत्पन्न चाँदी - आज की तारिख में सर्वाधित सुलभता से मिलने वाली यह चाँदी भी गुणवान है - किन्तु उसी अवस्था में जब यह शुद्ध हो |कृत्रिम चाँदी - रांगा, जस्ता व कुछ रासायनिक क्रियाओ से तैयार की जाती हैं - जो की आपके स्वस्थ्य को नुक्सान ही पहुँचती है जिसे नकली चाँदी भी कहा जा सकता है |आप अपने जीवन में चाँदी अवश्य उपयोग करे  I ध्यान देने योग्य यही बात है के चाँदी शुद्ध होनी चाहिए, अन्यथा कोई लाभ नहीं | इस लेख की काफी जानकारी आयुर्वेद ग्रन्थ से ली गयी हैं, जिसे लाखो वर्षो पहले लिखा जा चूका है | पढ़ कर गौरव हुआ हो तो उन ऋषियों को और कृष्णा को धन्यवाद देना न भूले, जिन्होंने आपको भारत में जन्म दिया है |SILVER KAJAL APPLIER:-let’s talks about silver today - the origin of silver is believed to be from Shiva's eye. Where Rudraksha originated from the original 2 eyes of Shiva, the silver originated from the water of the third eye. This metal is known by the names Silver, Chandraloh, Mahasubha, Metaphor, Shubhra, etc. Since the Vedic era Indians have special knowledge about silver. In the Charak sahinta like Ayurvedic Sahinta, there is a silver vessel and medical related use.Silver is also capable of giving you wealth as well as health. It is a metal that is most commonly worn in India. If you go to any part of India, you will find that in all rural areas - silver is also worn by women and men in their hands and feet, or utensils made of it have been in use for many centuries.  If we ask a villager why they use silver - then he will be tell you that - it is used in there customs.But behind its scientific usage are our sage, whose discovery was much higher than today's science. The proof of which is found in the Vedas in our scriptures. Astrological outlook:-1.Represents Venus and the Moon.2.gives wealth.3.Protect from unnatural death.4. Able to protect  from negative energy.5. Able to lower the negative effects of Rahu, Ketu and Saturn.6. Make Guru grah and Mercury grah strong. 7. Melody in speechHealthy approach -1. Ability to avoid depression2. Ability to control cough discomfort.3. Arthritis, helpful in eradicating joint pain.4. Able to protect viruses from airborne germs.5. Strength to keep the shine of the skin.6. Able to keep blood circulation normal.7.Increase strength and Increases Semen8. Helps in Bowel diseases, strengthen the body, protect from the diseaseProbably owing to reasons - the carpet of white house of America have- fine wires of silver, so that the health of all the leaders sitting there is protected.Let's know the types of silver1.Spontaneous silver - is obtained from the foothills of the Himalayas from the earth, which comes in the best silver in the world.2.Silver produced from the mine - This silver is also of great quality in today's date - but in the same condition if it is pure.3.Artificial silver - prepared with ranga, zinc and some chemical reactions - that only damages your health, which can also be called fake silver.You must use silver in your life. It is important to note that silver should be pure, otherwise there is no benefit. Much information of this article has been taken from Ayurveda text, which has been written millions of years ago. If you are proud to read, then do not forget to thank those sages and Krishna, who gave birth to you in India.|| ॐ का झंडा ऊँचा रहे || ..

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SILVER KATORI - चांदी कटोरी

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